जल आपूर्ति में देरी और दूषित पानी को लेकर पार्षदों ने एलएंडटी अधिकारियों को घेरा

जल आपूर्ति में देरी और दूषित पानी को लेकर पार्षदों ने एलएंडटी अधिकारियों को घेरा

हुब्बल्ली-धारवाड़ के 46 वार्डों में अब तीन दिन में एक बार मिलेगी पानी की आपूर्ति
जल आपूर्ति में देरी और दूषित पानी को लेकर पार्षदों ने एलएंडटी अधिकारियों को घेरा। कई बार पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने या बिजली आपूर्ति बाधित होने से भी पानी की सप्लाई और देर से पहुंचती है। निगम की विशेष सामान्य सभा बैठक में जल आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। पिछले दिनों राजस्थान पत्रिका ने भी इस मुद्दे को लेकर समाचार प्रकाशित किया था। कर्नाटक अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड फाइनेंस कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि मलप्रभा जलाशय से अतिरिक्त 43 एमएलडी पानी लाने की परियोजना अंतिम चरण में है, जिसके पूरा होते ही सप्लाई व्यवस्था बेहतर होगी। हुब्बल्ली-धारवाड़ नगर निगम क्षेत्र के 46 वार्डों में जल संकट से जूझ रहे लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मार्च अंत तक इन वार्डों में तीन दिन में एक बार नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। जानकारी के अनुसार शहर के लगभग 1.85 लाख पेयजल कनेक्शनों में से अभी भी 55 प्रतिशत से अधिक घरों में पांच से सात दिन के अंतराल से पानी मिल रहा है, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कुछ क्षेत्रों में 24 घंटे जल आपूर्ति शुरू
वर्तमान में शहर को मलप्रभा से लगभग 220 एमएलडी तथा नीरसागर से 22 एमएलडी पानी मिल रहा है, जबकि कुल मांग लगभग 245 एमएलडी है। अतिरिक्त आपूर्ति शुरू होने पर जल वितरण अंतराल कम करने में मदद मिलेगी। बैठक में यह भी बताया गया कि कुछ क्षेत्रों में 24 घंटे जल आपूर्ति शुरू कर दी गई है और कई वार्डों में परीक्षण चरण जारी है। जहां कार्य पूरा हो चुका है, वहां सड़कों की मरम्मत भी की जा रही है।
बैठक के दौरान कई पार्षदों ने जल आपूर्ति में देरी और दूषित पानी की शिकायतों को लेकर एलएंडटी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। पुराने पाइपलाइन नेटवर्क को दूषित पानी की समस्या का मुख्य कारण बताया गया। महापौर ज्योति पाटिल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नई पाइपलाइन बिछाने के लिए आवश्यक अनुमति प्रक्रिया तेज कर कार्य शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि नागरिकों को जल्द राहत मिल सके। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि परियोजना पूर्ण होते ही जल आपूर्ति व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

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