सतना नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (MIC) की बहुप्रतीक्षित बैठक बुधवार को हंगामेदार रही। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्ताव पर चर्चा से पहले ही शहर में दूषित पेयजल आपूर्ति का मुद्दा छा गया। महापौर योगेश ताम्रकार सहित पार्षदों ने अधिकारियों से जवाब तलब किया। वार्ड 3 के पार्षद अभिषेक तिवारी ने नाराजगी जताते हुए बैठक में अपने सामने रखी पानी की बोतल फेंक दी। उन्होंने संकेतों के माध्यम से बताया कि पिछले 20 दिनों से शहर के लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं, जबकि बैठक में शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। नवरात्रि के मौन व्रत के कारण उन्होंने कागज और व्हाट्सएप के जरिए शिकायतें महापौर तक पहुंचाईं, जिन्हें अधिकारियों के सामने रखा गया। महापौर- कमिश्नर में तीखी बहस
बैठक के दौरान महापौर योगेश ताम्रकार और कमिश्नर शेर सिंह मीना के बीच तीखी बहस भी हुई। पार्षद निधि के कार्यों में कथित भेदभाव को लेकर महापौर ने अधिकारियों से कहा कि निगम में राजनीति न की जाए। उन्होंने पूछा कि यदि पार्षद निधि लैप्स होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, और सभी स्वीकृत कार्यों को समान प्राथमिकता देने पर जोर दिया। फायर अधिकारी नियुक्ति पर विवाद
बैठक में फायर अधिकारी की नियुक्ति को लेकर भी विवाद सामने आया। पार्षद अभिषेक तिवारी ने आरोप लगाया कि MIC के निर्णय को दरकिनार कर नई नियुक्ति की गई है। बताया गया कि MIC ने डिग्रीधारी आरपी परमार को प्रभार देने की सहमति दी थी, लेकिन कमिश्नर ने मैकेनिकल इंजीनियर सुलभ पाठक को जिम्मेदारी सौंप दी। इस पर कमिश्नर ने नगर निगम नियमों का हवाला देते हुए मामले को अगली बैठक में रखने की बात कही। बजट में संशोधन के साथ प्रस्ताव पास
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्ताव भी पेश किया गया, जिसे कुछ बदलावों के साथ पारित कर परिषद को भेजा गया। सड़क निर्माण बजट 30 करोड़ से बढ़ाकर 35 करोड़ किया गया। सड़क मेंटिनेंस बजट 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ किया गया। अन्य विकास कार्यों में भी आंशिक संशोधन किए गए। बैठक में उठे मुद्दों पर अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। दूषित पानी की समस्या और नियुक्ति विवाद पर आगे चर्चा होने की संभावना है, जबकि संशोधित बजट प्रस्ताव को अब परिषद की मंजूरी के लिए भेजा गया है।


