पार्षद ने खुद पर डाला पेट्रोल, आत्मदाह का प्रयास:बेतिया नगर निगम में जोरदार हंगामा, महापौर पर लगाए दुर्व्यवहार के आरोप

पार्षद ने खुद पर डाला पेट्रोल, आत्मदाह का प्रयास:बेतिया नगर निगम में जोरदार हंगामा, महापौर पर लगाए दुर्व्यवहार के आरोप

बेतिया नगर निगम कार्यालय में शनिवार को आयोजित विशेष बैठक बिना किसी ठोस निर्णय के स्थगित होने के बाद परिसर में भारी हंगामा देखने को मिला। बैठक समाप्त होते ही कई पार्षदों ने महापौर पर गलत व्यवहार का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी दौरान वार्ड पार्षद कुणाल सराफ ने आत्मदाह का प्रयास किए जाने से नगर निगम परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस की तत्परता से स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया। महत्वपूर्ण दस्तावेज फाड़ने के बाद बढ़ा बवाल प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बैठक के दौरान भी पार्षदों और महापौर के बीच तीखी नोकझोंक होती रही। पार्षदों का आरोप है कि महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने चर्चा के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज फाड़कर फेंक दिए। इस घटना से आक्रोशित पार्षदों ने बैठक के बाद निगम परिसर में धरना देते हुए जमकर नारेबाजी की। जदयू एमएलसी ने बातचीत कर मामला शांत कराया घटना की सूचना मिलते ही जदयू के विधान पार्षद (एमएलसी) वीरेंद्र नारायण यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने पार्षदों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को संबंधित मंच पर रखा जाएगा तथा नियमों के तहत समाधान का प्रयास किया जाएगा। उनके हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया। महापौर बोलीं- विषय स्पष्ट न होने से नहीं बनी सहमति वहीं, महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनकी अध्यक्षता में हुई बैठक में तीन घंटे से अधिक समय तक नगर के सर्वांगीण विकास से जुड़े एजेंडों पर चर्चा की गई, लेकिन विषयों में स्पष्टता न होने के कारण किसी निर्णय पर सहमति नहीं बन सकी। कार्यवाही दर्ज कर रहे प्रधान सहायक को रोकने का प्रयास महापौर का आरोप है कि कुछ पार्षद अपने-अपने वार्डों में करोड़ों रुपये की योजनाओं और खरीदारी के प्रस्ताव को नियमों के विरुद्ध पारित कराने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक समाप्त घोषित किए जाने के बाद कुछ पार्षद आक्रामक हो गए और कार्यवाही दर्ज कर रहे प्रधान सहायक को रोकने का प्रयास किया। बेतिया नगर निगम कार्यालय में शनिवार को आयोजित विशेष बैठक बिना किसी ठोस निर्णय के स्थगित होने के बाद परिसर में भारी हंगामा देखने को मिला। बैठक समाप्त होते ही कई पार्षदों ने महापौर पर गलत व्यवहार का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी दौरान वार्ड पार्षद कुणाल सराफ ने आत्मदाह का प्रयास किए जाने से नगर निगम परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस की तत्परता से स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया। महत्वपूर्ण दस्तावेज फाड़ने के बाद बढ़ा बवाल प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बैठक के दौरान भी पार्षदों और महापौर के बीच तीखी नोकझोंक होती रही। पार्षदों का आरोप है कि महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने चर्चा के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज फाड़कर फेंक दिए। इस घटना से आक्रोशित पार्षदों ने बैठक के बाद निगम परिसर में धरना देते हुए जमकर नारेबाजी की। जदयू एमएलसी ने बातचीत कर मामला शांत कराया घटना की सूचना मिलते ही जदयू के विधान पार्षद (एमएलसी) वीरेंद्र नारायण यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने पार्षदों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को संबंधित मंच पर रखा जाएगा तथा नियमों के तहत समाधान का प्रयास किया जाएगा। उनके हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया। महापौर बोलीं- विषय स्पष्ट न होने से नहीं बनी सहमति वहीं, महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनकी अध्यक्षता में हुई बैठक में तीन घंटे से अधिक समय तक नगर के सर्वांगीण विकास से जुड़े एजेंडों पर चर्चा की गई, लेकिन विषयों में स्पष्टता न होने के कारण किसी निर्णय पर सहमति नहीं बन सकी। कार्यवाही दर्ज कर रहे प्रधान सहायक को रोकने का प्रयास महापौर का आरोप है कि कुछ पार्षद अपने-अपने वार्डों में करोड़ों रुपये की योजनाओं और खरीदारी के प्रस्ताव को नियमों के विरुद्ध पारित कराने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक समाप्त घोषित किए जाने के बाद कुछ पार्षद आक्रामक हो गए और कार्यवाही दर्ज कर रहे प्रधान सहायक को रोकने का प्रयास किया।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *