दौसा जिले की मीणा सीमला ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा जातिसूचक टिप्पणी करने का मामला सामने आया है। एक युवक ने सरपंच के खिलाफ सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है तो वहीं सामाजिक संगठनों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर 24 घंटे में गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद मंगलवार शाम को कलेक्ट्रेट के गेट पर धरना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी सरपंच की गिरफ्तारी मांग उठ रही है। ऐसे में पुलिस-प्रशासन भी मामले को लेकर सतर्क हो गया है। यह था मामला
दरअसल, 14 दिसंबर को दौसा के सिंगवाडा रोड स्थित नाथ समाज छात्रावास में नाथ समाज की प्रदेश स्तरीय चुनाव को लेकर आयोजित मीटिंग में सरपंच ने भाषण के दौरान जातिसूचक टिप्पणी कर दी थी। इसका वीडियो सामने आने के बाद लोग सरपंच के विरोध में उतर गया। इसके बाद मामला बढ़ता देख सरपंच ने वीडियो जारी कर टिप्पणी पर खेद जताते हुए माफी मांग ली थी। सदर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट
इसके विरोध में सतीश ने सदर थाने में सरपंच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि नाथ समाज छात्रावास में मीटिंग में नाथ समाज के जिलाध्यक्ष शिवचरण योगी ने सार्वजनिक रूप से गलत टिप्पणी की। इससे समाज के लोगों में रोष व्याप्त है। ऐसे व्यक्ति सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का कार्य कर रहे हैं। कलेक्ट्रेट पर शुरू किया धरना
हालांकि 24 घंटे बाद भी सरपंच की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज संगठनों से जुडे युवा मंगलवार रात कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। धरनार्थियों ने बताया कि मामले में पुलिस को 24 घंटे का समय दिया गया था, इसके बावजूद गिरफ्तारी नहीं की गई। इससे समाज में रोष व्याप्त है। ऐसे में जब तक सरपंच को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा। साथ ही चेतावनी दी है कि जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।


