दरभंगा में कीनू लदे ट्रक का चालान काटने पर विवाद:ड्राइवर ने ट्रक को सड़क पर खड़ा किया, डेढ़ घंटे तक जाम रहा एनएच-27

दरभंगा में कीनू लदे ट्रक का चालान काटने पर विवाद:ड्राइवर ने ट्रक को सड़क पर खड़ा किया, डेढ़ घंटे तक जाम रहा एनएच-27

दरभंगा-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर शुक्रवार शाम कीनू (संतरा) फल लदे ट्रक का चालान काटे जाने के बाद विवाद उत्पन्न हो गया। चालान के विरोध में ट्रक चालक ने दरभंगा की ओर जाने वाली लेन पर वाहन खड़ा कर सड़क जाम कर दिया। देखते ही देखते अन्य वाहन चालक भी समर्थन में उतर आए और हाईवे पर नारेबाजी शुरू हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक हाईवे जाम रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर ट्रक चालक मो. अशफाक (निवासी श्रीनगर, कश्मीर) ने बताया कि वह पंजाब से कीनू लादकर पश्चिम बंगाल के मालदा मंडी जा रहा था। अतरबेल और शास्त्री चौक के बीच परिवहन विभाग के वाहन ने ओवरटेक कर ट्रक रुकवाया। ओवरलोड की बात कहकर ट्रक को रुकवाया वाहन में पुलिस की वर्दी में बैठे एक पुरुष और एक महिला अधिकारी ने 20 हजार रुपए का ऑनलाइन चालान करने की बात कही। इसके बाद वाहन में मौजूद एक अन्य व्यक्ति, जो वर्दी में नहीं था, ने कथित रूप से पांच हजार रुपये देने पर चालान नहीं काटने की बात कही, जिस पर महिला अधिकारी और चालक के बीच बहस हो गई। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने 17,500 का ऑनलाइन चालान काटा सूचना पर सिमरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। चालक का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने उसकी बात सुनकर आगे जाने की अनुमति दे दी, लेकिन परिवहन विभाग के अधिकारियों ने ऑनलाइन 17 हजार 500 रुपये का चालान काट दिया। घटना की सूचना मिलते ही सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार और सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष बसंत कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसी दौरान डिप्टी सीएम के कार्यक्रम को लेकर एनएच से गुजर रहे डीसीएलआर अविनाश कुमार ने भी आक्रोशित चालकों से बातचीत की। ट्रक के ड्राइवर ने कहा- पहले चालान रद्द कीजिए, तब गाड़ी हटाऊंगा ट्रक चालक का कहना था कि पहले चालान रद्द किया जाए, तभी वह वाहन हटाएगा। बढ़ते आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों ने 24 घंटे के भीतर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद सड़क जाम हटाया गया और यातायात बहाल हुआ। ट्रक चालकों ने चालान को तत्काल रद्द करने की मांग की। अधिकारियों द्वारा 24 घंटे के भीतर चालान की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद आक्रोशित चालकों ने सड़क जाम हटाया, तब जाकर यातायात सामान्य हो सका। घटना के दौरान एनएच-27 पर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे आम यात्रियों और मालवाहक वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दरभंगा-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर शुक्रवार शाम कीनू (संतरा) फल लदे ट्रक का चालान काटे जाने के बाद विवाद उत्पन्न हो गया। चालान के विरोध में ट्रक चालक ने दरभंगा की ओर जाने वाली लेन पर वाहन खड़ा कर सड़क जाम कर दिया। देखते ही देखते अन्य वाहन चालक भी समर्थन में उतर आए और हाईवे पर नारेबाजी शुरू हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक हाईवे जाम रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर ट्रक चालक मो. अशफाक (निवासी श्रीनगर, कश्मीर) ने बताया कि वह पंजाब से कीनू लादकर पश्चिम बंगाल के मालदा मंडी जा रहा था। अतरबेल और शास्त्री चौक के बीच परिवहन विभाग के वाहन ने ओवरटेक कर ट्रक रुकवाया। ओवरलोड की बात कहकर ट्रक को रुकवाया वाहन में पुलिस की वर्दी में बैठे एक पुरुष और एक महिला अधिकारी ने 20 हजार रुपए का ऑनलाइन चालान करने की बात कही। इसके बाद वाहन में मौजूद एक अन्य व्यक्ति, जो वर्दी में नहीं था, ने कथित रूप से पांच हजार रुपये देने पर चालान नहीं काटने की बात कही, जिस पर महिला अधिकारी और चालक के बीच बहस हो गई। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने 17,500 का ऑनलाइन चालान काटा सूचना पर सिमरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। चालक का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने उसकी बात सुनकर आगे जाने की अनुमति दे दी, लेकिन परिवहन विभाग के अधिकारियों ने ऑनलाइन 17 हजार 500 रुपये का चालान काट दिया। घटना की सूचना मिलते ही सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार और सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष बसंत कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसी दौरान डिप्टी सीएम के कार्यक्रम को लेकर एनएच से गुजर रहे डीसीएलआर अविनाश कुमार ने भी आक्रोशित चालकों से बातचीत की। ट्रक के ड्राइवर ने कहा- पहले चालान रद्द कीजिए, तब गाड़ी हटाऊंगा ट्रक चालक का कहना था कि पहले चालान रद्द किया जाए, तभी वह वाहन हटाएगा। बढ़ते आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों ने 24 घंटे के भीतर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद सड़क जाम हटाया गया और यातायात बहाल हुआ। ट्रक चालकों ने चालान को तत्काल रद्द करने की मांग की। अधिकारियों द्वारा 24 घंटे के भीतर चालान की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद आक्रोशित चालकों ने सड़क जाम हटाया, तब जाकर यातायात सामान्य हो सका। घटना के दौरान एनएच-27 पर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे आम यात्रियों और मालवाहक वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।  

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