केंद्र सरकार ने रविवार को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री विजेताओं के नामों की घोषणा की। जिसमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार पाने वालों के नाम शामिल हैं। इसमें वरिष्ठ भाजपा नेता और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) को पद्म भूषण से नवाजा गया है। इस पर उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (उबाठा) ने भाजपा (BJP) पर तीखा हमला बोला है।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को सार्वजनिक क्षेत्र में पद्म भूषण पुरस्कार मिला है। इसके लिए उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत तमाम नेताओं ने उन्हें बधाई दी। लेकिन कोश्यारी को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने पर शिवसेना (उबाठा) प्रवक्ता संजय राउत ने भाजपा सरकार को घेरा।
महाराष्ट्र और शिवाजी महाराज का अपमान करने वालों का सम्मान- राउत
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “महाराष्ट्र में लोकतंत्र और भारतीय संविधान की हत्या करके शिंदे-बीजेपी सरकार बैठाने के बदले मोदी सरकार ने इन महाशय (भगत सिंह कोश्यारी) को पद्म भूषण से नवाजा है।”
राउत ने आगे कहा कि यह वही व्यक्ति हैं जिन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और महात्मा फुले जैसे महापुरुषों का अपमान किया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “महाराष्ट्र का अपमान करने वालों का बीजेपी सम्मान कर रही है! बहुत बढ़िया!”
क्यों विवादों में रहे कोश्यारी?
भगत सिंह कोश्यारी का महाराष्ट्र में 2019 से 2023 तक राज्यपाल के तौर पर कार्यकाल बेहद उतार-चढ़ाव भरा और विवादों से घिरा रहा। एक कार्यक्रम में उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को ‘पुराने जमाने का आदर्श’ बताया था, जिस पर पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन हुए थे। वहीँ, महान समाज सुधारक महात्मा जोतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले के बाल विवाह पर की गई उनकी टिप्पणी ने भी विवाद खड़ा कर दिया था। 2019 में देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार को सुबह-सुबह शपथ दिलाने का मामला भी उन्हीं के कार्यकाल में हुआ था। तब 72 घंटे में फडणवीस की अल्पमत सरकार गिर गई थी।
बेहद अनुभवी राजनेता है कोश्यारी
विवादों के इतर, भगत सिंह कोश्यारी एक बेहद अनुभवी राजनेता है, जिन्होंने आरएसएस के साथ अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और बाद में बीजेपी के उपाध्यक्ष बने। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया था। वह उन दुर्लभ नेताओं में से है, जो विधायक, एमएलसी, लोकसभा सदस्य और राज्यसभा सदस्य रह चुके है।
भगत सिंह कोश्यारी उत्तराखंड के पहले मुख्यमंत्री रह चुके हैं और केंद्र में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। 2019 से 2023 तक महाराष्ट्र के राज्यपाल रहने के साथ-साथ उनके पास गोवा के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार भी था।


