अशोक स्तंभ हटाने की कोशिश पर कांग्रेस का चक्काजाम, जनभावना बनाम विकास का सवाल।
बैतूल। शहर के कोठीबाजार स्थित गांधी चौक पर अंडर ग्राउंड पार्किंग का निर्माण कार्य शुरू होते ही राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। निर्माण की शुरुआती प्रक्रिया के दौरान चौक पर स्थापित अशोक स्तंभ को जेसीबी से हटाकर कचरा वाहन में ले जाने की तैयारी की जा रही थी। इसकी सूचना मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और तीखा विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ा कि थाना रोड पर गांधी चौक के सामने सडक़ पर चक्काजाम कर धरना दे दिया। करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
कांग्रेस नेताओं ने इसे केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और राष्ट्रीय प्रतीक के साथ छेड़छाड़ का प्रयास बताया। कांग्रेस नेता हेमंत वागद्रे ने नगरपालिका की कार्रवाई को जनभावना के विपरीत करार देते हुए कहा कि गांधी चौक का ऐतिहासिक महत्व है। उनके अनुसार वर्ष 1933 में महात्मा गांधी का यहां आगमन हुआ था और स्वतंत्रता संग्राम के बाद अशोक स्तंभ की स्थापना की गई थी। हर वर्ष 26 जनवरी, 15 अगस्त, गांधी जयंती और पुण्यतिथि जैसे राष्ट्रीय आयोजनों का केंद्र यही स्थल रहा है। ऐसे स्थान से प्रतीक को हटाना शहर के इतिहास और नागरिकों की भावनाओं का अपमान है। मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए सीएमओ सतीश मटसेनिया मौके पर पहुंचे। विरोध को देखते हुए उन्होंने निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया और आश्वासन दिया कि सभी पक्षों से चर्चा के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि करोड़ों की लागत वाले इस प्रोजेक्ट की शुरुआत से पहले जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से संवाद क्यों नहीं किया गया।
उल्लेखनीय है कि नगरपालिका मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत लगभग 5 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्य करा रही है, जिसमें गांधी चौक पर 2 करोड़ रुपए की लागत से अंडर ग्राउंड पार्किंग भी शामिल है। उद्देश्य कोठीबाजार क्षेत्र में पार्किंग समस्या का समाधान बताई जा रही है, लेकिन जिस तरह से ऐतिहासिक स्थल को लेकर संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई, उसने विकास कार्यों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।


