बेतिया में आउटसोर्सिंग एजेंसी बदलने पर विवाद गहराया:ESEPL ने सीएम से लेकर अधिकारियों तक लिखी चिट्ठी, बिना टेंडर नई एजेंसी को काम देने का आरोप

बेतिया में आउटसोर्सिंग एजेंसी बदलने पर विवाद गहराया:ESEPL ने सीएम से लेकर अधिकारियों तक लिखी चिट्ठी, बिना टेंडर नई एजेंसी को काम देने का आरोप

बेतिया में शिक्षा विभाग द्वारा आउटसोर्सिंग एजेंसी बदलने का मामला अब गहराता जा रहा है। ईएसईपीएल ग्रुप ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल, उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, निगरानी विभाग और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा है। कंपनी ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए बिना सूचना कार्य निरस्तीकरण और नियमों के विपरीत नई एजेंसी को कार्य सौंपने का आरोप लगाया है।ईएसईपीएल द्वारा भेजे गए पत्रों में बताया गया है कि वर्ष 2023 से बेतिया, योगापट्टी, रामनगर, गौनाहा, नरकटियागंज, मैनाटांड और सिकटा प्रखंडों में विद्यालयों की साफ-सफाई का कार्य उनकी एजेंसी द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा था। विभागीय इम्पैनलमेंट के कार्य आवंटित
इसके बावजूद, जिला स्तर पर बिना किसी पूर्व सूचना के उनका कार्य रद्द कर दिया गया। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि डीबीटी ग्लोबल डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड को बिना किसी निविदा प्रक्रिया और विभागीय इम्पैनलमेंट के कार्य आवंटित कर दिया गया। कंपनी ने दावा किया है कि इस नई एजेंसी के पास आवश्यक वैधानिक पंजीकरण और दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं हैं।हाल ही में, डीईओ कार्यालय परिसर में सफाई कर्मियों और नाइट गार्ड्स ने अपने लंबित मानदेय भुगतान को लेकर प्रदर्शन किया था। इस संबंध में, जिला शिक्षा पदाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले पर चर्चा के लिए 19 तारीख को एक बैठक बुलाई गई है। बेतिया में शिक्षा विभाग द्वारा आउटसोर्सिंग एजेंसी बदलने का मामला अब गहराता जा रहा है। ईएसईपीएल ग्रुप ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल, उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, निगरानी विभाग और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा है। कंपनी ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए बिना सूचना कार्य निरस्तीकरण और नियमों के विपरीत नई एजेंसी को कार्य सौंपने का आरोप लगाया है।ईएसईपीएल द्वारा भेजे गए पत्रों में बताया गया है कि वर्ष 2023 से बेतिया, योगापट्टी, रामनगर, गौनाहा, नरकटियागंज, मैनाटांड और सिकटा प्रखंडों में विद्यालयों की साफ-सफाई का कार्य उनकी एजेंसी द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा था। विभागीय इम्पैनलमेंट के कार्य आवंटित
इसके बावजूद, जिला स्तर पर बिना किसी पूर्व सूचना के उनका कार्य रद्द कर दिया गया। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि डीबीटी ग्लोबल डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड को बिना किसी निविदा प्रक्रिया और विभागीय इम्पैनलमेंट के कार्य आवंटित कर दिया गया। कंपनी ने दावा किया है कि इस नई एजेंसी के पास आवश्यक वैधानिक पंजीकरण और दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं हैं।हाल ही में, डीईओ कार्यालय परिसर में सफाई कर्मियों और नाइट गार्ड्स ने अपने लंबित मानदेय भुगतान को लेकर प्रदर्शन किया था। इस संबंध में, जिला शिक्षा पदाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले पर चर्चा के लिए 19 तारीख को एक बैठक बुलाई गई है।  

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