केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) के स्थानीय नेता ने मुस्लिम लीग द्वारा महिला उम्मीदवार उतारे जाने को लेकर विवादित बयान दिया है। पार्टी के पूर्व स्थानीय सचिव सैयद अली मजीद ने कहा कि उनकी पार्टी में भी शादीशुदा महिलाएं हैं, लेकिन वोट पाने के लिए उन्हें बाहर नहीं निकाला जाता। वे रविवार शाम को नगर निकाय चुनाव में जीत के बाद मलप्पुरम जिले के थेंनाला में एक सभा में बोल रहे थे। मजीद ने कहा- एक वोट हासिल करने या एक वार्ड जीतने के लिए उन्हें दूसरे पुरुषों के सामने परेड नहीं कराया जाता। हमारे यहां भी महिलाएं विवाहित हैं लेकिन वे अपने पतियों के साथ सोने के लिए और बच्चे पैदा करने के लिए होती है। दरअसल 13 दिसंबर को केरल की 1,199 स्थानीय निकायों पर दो फेज में हुए चुनाव के नतीजे घोषित हुए थे। इनमें 6 कॉर्पोरेशन, 86 नगर पालिकाएं, 14 डिस्ट्रिक्ट काउंसिल, 152 ब्लॉक पंचायत और 941 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इसमें कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 649 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं CPI(M) के गठबंधन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को 439 और भाजपा के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (NDA) को 29 सीटों पर जीत मिली थी। चुनाव के बाद मुस्लिम लीग के कार्यकर्ताओं पर हमला केरल के कन्नूर जिले में स्थानीय निकाय चुनाव के परिणामों के बाद मुस्लिम लीग के कार्यकर्ताओं के घरों पर हथियारों से हमला करने के आरोप में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। कुलावल्लूर पुलिस ने शनिवार को पन्नूर में हुए हमलों के संबंध में मामले दर्ज कर अमल, श्रीजू, जीवन, सचिन और रेनिश को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार कोझिकोड के मराड इलाके में यूडीएफ की जीत के जुलूस पर पथराव की घटना सामने आई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। वायनाड जिले के सुल्तान बाथेरी में एक यूडीएफ कार्यकर्ता और उसके परिवार को ले जा रही कार पर करीब 40 माकपा कार्यकर्ताओं ने हमला करने का आरोप है। वहीं, इसी इलाके में एक अलग मामले में पुलिस ने यूडीएफ कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। आरोप है कि पटाखे फोड़ने का विरोध करने पर उन्होंने एक माकपा कार्यकर्ता पर हमला किया। केरल निकाय चुनाव हार चुकी है LDF यह विवाद ऐसे वक्त पर सामने आया है, जब हालिया नगर निगम चुनावों में LDF को बड़ा झटका लगा है। चुनाव नतीजों में चार नगर निगम जीतने वाली UDF ने कन्नूर में अपनी पकड़ बनाए रखी और कोच्चि-कोल्लम जैसे अहम नगर निगम LDF से छीन लिए। वहीं लंबे समय से एलडीएफ का गढ़ माने जाने वाले तिरुवनंतपुरम में पहले CPI-M के पास बहुमत था, लेकिन इस बार 101 सीटों वाले निगम में NDA ने 50 सीटें जीत लीं। LDF को 29 और UDF को 19 सीटों से संतोष करना पड़ा, जबकि दो सीटें निर्दलीयों के खाते में गईं। ———————————————- केरल निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… केरल में पहली बार भाजपा का मेयर बन सकता है:तिरुवनंतपुरम से जीतीं श्रीलेखा; राज्य की पहली महिला IPS अधिकारी केरल के निकाय चुनाव में NDA को बड़ी कामयाबी मिली है। गठबंधन ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 101 वार्डों में से 50 वार्डों पर जीत दर्ज की है। पिछले 45 साल से यहां वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) का कब्जा है। LDF को 29 और कांग्रेस गठबंधन (UDF) को 19 वार्डों में जीत मिली है। पूरी खबर पढ़ें…
केरल में माकपा नेता का महिलाओं पर विवादित बयान:कहा- वे पतियों के साथ सोने और बच्चे पैदा करने के लिए, चुनाव में परेड के लिए नहीं


