भास्कर न्यूज़ | बेमेतरा कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब सरकारी भवन निर्माण का फाइनल भुगतान नहीं मिलने से परेशान एक ठेकेदार ने आत्मदाह का प्रयास किया। नवागढ़ निवासी भवन निर्माण ठेकेदार आरिफ बाठिया ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने की कोशिश की। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर के गार्ड और पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसके हाथ से माचिस छीन ली और उसे सुरक्षित बचा लिया। इसके बाद ठेकेदार को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द किया गया। घटना के बाद पीड़ित आरिफ बाठिया ने बताया कि पिछले दो वर्षों से नवागढ़ में कृषि भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसका 14 लाख रुपए का फाइनल पेमेंट अब तक नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नवागढ़ में पदस्थ कृषि विस्तार अधिकारी आरके चतुर्वेदी द्वारा भवन को हैंडओवर लेने से इनकार किया जा रहा है, जबकि भवन स्वीकृति के अनुसार पूरी तरह तैयार है और करीब डेढ़ साल से अधिक समय बीत चुका है। कर्ज लेकर बनाया भवन: ठेकेदार का आरोप है कि कभी कृषि विभाग के उपसंचालक तो कभी लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) से लगातार संपर्क कर रहे हैं। लेकिन हर बार हैंडओवर और संतुष्टि प्रमाण पत्र का हवाला देकर भुगतान टाल दिया जाता है। कृषि विभाग का यह भवन लोक निर्माण विभाग के टेंडर के माध्यम से निर्मित हुआ है। भवन हैंडओवर के संबंध में आवेदन लेकर कृषि विस्तार अधिकारी आरके चतुर्वेदी के कार्यालय जाते हैं, तो उन्हें कहा जाता है कि भवन हैंडओवर नहीं लूंगा। भवन निर्माण के लिए सामग्री बाजार से कर्ज और उधार में ली गई थी। अब सामग्री आपूर्तिकर्ता लगातार भुगतान के लिए दबाव बना रहे हैं, जिससे वह टूट चुके हैं। उन्होंने बताया कि भुगतान के लिए बिल भी प्रस्तुत किया जा चुका है, लेकिन विभाग द्वारा भुगतान रोके हुए हैं। इसी मानसिक और आर्थिक तनाव के चलते वह पेट्रोल लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। आरिफ बाठिया के अनुसार नवागढ़ में कृषि भवन का निर्माण कार्य 28.40 लाख रुपए की लागत से किया गया है। यह ठेका तनु रिजवी के नाम पर 8.05 प्रतिशत िबलो (कम कीमत)में स्वीकृत हुआ था। निर्माण पूरा होने के बाद अब केवल फाइनल भुगतान शेष है।


