सिरोही में शिक्षा विभाग के संविदाकर्मियों ने राज्य सरकार की ओर से घोषित बजट 2026-27 का विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बजट पत्र की प्रतियां जलाकर सरकार से अपनी उपेक्षा बंद करने और पे-ग्रेड पर नियमितीकरण कर लंबित कार्य पूरा करने की मांग की। संविदाकर्मी कलेक्ट्रेट परिसर के पास पंचायत समिति के सामने एकत्रित हुए और बजट के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध स्वरूप उन्होंने बजट की प्रतिलिपि को आग लगा दी। इसके बाद, वे नारेबाजी करते हुए अतिरिक्त कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। ज्ञापन में बताया गया कि सहायक शिक्षक, कनिष्ठ शिक्षक, पंचायत शिक्षक, शिक्षा सहायक, पाठशाला सहायक और विद्यालय सहायक के स्थायी सेवा नियमों से संबंधित फाइल पिछले दो साल से वित्त, कार्मिक, विधि और शिक्षा विभागों के बीच किसी न किसी कमी के बहाने घुमाई जा रही है। ये कार्मिक पिछले 30 से 35 वर्षों से शिक्षा विभाग में अल्प मानदेय पर संविदा पर कार्यरत हैं, जबकि वे तृतीय श्रेणी के पद के समकक्ष कार्य कर रहे हैं। संविदाकर्मियों ने आयु और अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें अतिशीघ्र नियमित करने की मांग की। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने 24 अक्टूबर 2024 को एक एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी की थी, जिसके तहत 27 दिसंबर 2024 तक संविदाकर्मियों को नियमित पदों में परिवर्तित कर नियुक्ति आदेश जारी किए जाने थे, लेकिन आज तक ये आदेश जारी नहीं किए गए हैं। संघ की ओर से चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो भविष्य में जिला मुख्यालय पर उग्र आंदोलन और प्रदर्शन किए जाएंगे।
इस अवसर पर पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायक संघ के जिला संयोजक चुनाराम परिहार, शिक्षाकर्मी संघ के जिलाध्यक्ष बाबूसिंह, पैराटीचर्स संघ के जिलाध्यक्ष चुंघाराम सहित दिलीप सिंह, गोविंद माली, लीलाराम मंडियां, सुधीर ओझा, विक्रम रामावत, जितेंद्र भांड, सुरेश कुमार हालीवाडा, भगवान दास, रमेश कुमार, माधुराम, हकमाराम, दीताराम, मोहनलाल और बड़ी संख्या में अन्य पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता मौजूद रहे।


