किशनगंज में LPG सिलेंडर बुकिंग से कंज्यूमर परेशान:25 दिन बाद भी नहीं हो रही सिलेंडर की रिफिलिंग

किशनगंज में LPG सिलेंडर बुकिंग से कंज्यूमर परेशान:25 दिन बाद भी नहीं हो रही सिलेंडर की रिफिलिंग

किशनगंज में रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन गई है। केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग के लिए न्यूनतम 25 दिनों का अंतराल निर्धारित किया है, लेकिन इसके बावजूद उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पा रही है। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि 25 दिन पूरे होने के बाद भी ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप या आईवीआरएस के माध्यम से बुकिंग का प्रयास करने पर ‘नो बुकिंग’ या ‘ट्राई अगेन लेटर’ का संदेश आ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पहले सिलेंडर 15-20 दिनों में आसानी से बुक हो जाता था, लेकिन अब नियम लागू होने के बाद भी सिस्टम में लगातार दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में स्थिति अधिक गंभीर है, जहां गैस न मिलने पर कई परिवार लकड़ी, कोयला या उपले का उपयोग करने को मजबूर हैं। इससे महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और समय व मेहनत भी बर्बाद हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अवधि 45 दिन तक बताई जा रही उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस एजेंसियों से संपर्क करने पर या तो फोन नहीं उठाया जाता, या फिर ‘सिस्टम की समस्या’ बताकर टाल दिया जाता है। केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में वैश्विक ऊर्जा संकट और जमाखोरी रोकने के लिए घरेलू एलपीजी रिफिल के बीच न्यूनतम 25 दिनों का अंतर अनिवार्य किया था। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह अवधि 45 दिन तक बताई जा रही है। जिले में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता हालांकि, किशनगंज जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रशासन के अनुसार, हाल के दिनों में 9,500 से अधिक सिलेंडरों का स्टॉक मौजूद है और होम डिलीवरी 2-3 दिनों में की जा रही है, जिससे कोई बड़ी कमी नहीं है। प्रशासन ने अफवाहों पर काबू पाने और कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी भी की है। किशनगंज में रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन गई है। केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग के लिए न्यूनतम 25 दिनों का अंतराल निर्धारित किया है, लेकिन इसके बावजूद उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पा रही है। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि 25 दिन पूरे होने के बाद भी ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप या आईवीआरएस के माध्यम से बुकिंग का प्रयास करने पर ‘नो बुकिंग’ या ‘ट्राई अगेन लेटर’ का संदेश आ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पहले सिलेंडर 15-20 दिनों में आसानी से बुक हो जाता था, लेकिन अब नियम लागू होने के बाद भी सिस्टम में लगातार दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में स्थिति अधिक गंभीर है, जहां गैस न मिलने पर कई परिवार लकड़ी, कोयला या उपले का उपयोग करने को मजबूर हैं। इससे महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और समय व मेहनत भी बर्बाद हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अवधि 45 दिन तक बताई जा रही उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस एजेंसियों से संपर्क करने पर या तो फोन नहीं उठाया जाता, या फिर ‘सिस्टम की समस्या’ बताकर टाल दिया जाता है। केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में वैश्विक ऊर्जा संकट और जमाखोरी रोकने के लिए घरेलू एलपीजी रिफिल के बीच न्यूनतम 25 दिनों का अंतर अनिवार्य किया था। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह अवधि 45 दिन तक बताई जा रही है। जिले में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता हालांकि, किशनगंज जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रशासन के अनुसार, हाल के दिनों में 9,500 से अधिक सिलेंडरों का स्टॉक मौजूद है और होम डिलीवरी 2-3 दिनों में की जा रही है, जिससे कोई बड़ी कमी नहीं है। प्रशासन ने अफवाहों पर काबू पाने और कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी भी की है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *