जौनपुर में 44 उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण ठप:डेढ़ साल से रुका काम, फंडिंग के अभाव में ग्रामीण प्रभावित

जौनपुर में 44 उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण ठप:डेढ़ साल से रुका काम, फंडिंग के अभाव में ग्रामीण प्रभावित

जौनपुर जनपद में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से स्वीकृत 44 उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कार्य बाधित हो गया है। लगभग डेढ़ साल पहले शुरू हुआ यह निर्माण पिछले एक साल से पूरी तरह रुका हुआ है, जिससे ग्रामीणों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन उप स्वास्थ्य केंद्रों में से कुछ की छतें डाली जा चुकी हैं, जबकि कई में फर्श और दरवाजों का काम अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य रुकने के कारण ये भवन आधे-अधूरे खड़े हैं, और इनके उपयोग में आने की संभावना फिलहाल दूर दिख रही है। जनपद में कुल 49 उप स्वास्थ्य केंद्रों को वर्ष 2022 में स्वीकृति मिली थी। प्रत्येक केंद्र के लिए 31.21 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई थी। निर्माण शुरू होने पर आधी धनराशि जारी कर दी गई थी। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निर्माण कार्य पंचायती राज विभाग को सौंपा गया, और शेष 50 प्रतिशत धनराशि इस विभाग को हस्तांतरित कर दी गई। हालांकि, पंचायती राज विभाग की तैयारियों में कमी और कार्ययोजना के अभाव के कारण दूसरी किस्त जारी नहीं हो सकी। इसी वजह से निर्माण कार्य ठप पड़ा है। एक ठेकेदार ने बजट आने की उम्मीद में अपने निजी खर्च पर पांच उपकेंद्रों का निर्माण पूरा कर विभाग को सौंप दिया है, लेकिन उसे अभी तक भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। धन न मिलने के कारण ठेकेदार की पूंजी फंसी हुई है। वहीं, भवन अधूरे होने के कारण कई उपकेंद्र तीन हजार रुपये प्रति माह किराए के मकानों में संचालित किए जा रहे हैं। संसाधनों के अभाव में ग्रामीणों को लेबर रूम, लैब, टीकाकरण और टीबी-कुष्ठ रोग जैसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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