मुंगेर में फिरौती के लिए दो युवकों के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में मद्य निषेध विभाग के सिपाहियों की संलिप्तता उजागर हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सिपाही को अरेस्ट कर जेल भेज दिया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। 5 फरवरी को सत्यमेव को बाइक सवारों ने उटाया था घटना 5 फरवरी की शाम की है। नयागांव केशोपुर निवासी अभिषेक कुमार ने ईस्ट कॉलोनी थाना में आवेदन देकर बताया कि वह अपने 15 साल के भतीजे सत्यमेव कुमार के साथ आरपीएफ मैदान में टहल रहे थे। इसी दौरान चार लोगों ने जातिसूचक गालियां देते हुए जबरन दोनों को दो बाइकों पर बैठाया और जंगल की ओर ले गए, जहां उनके साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने परिजनों से 50 हजार रुपये की मांगी थी फिरौती आरोपियों ने दोनों के मोबाइल फोन छीन लिए और परिजनों को कॉल कर 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी। धमकी दी गई कि पैसे नहीं देने पर दोनों को जान से मार दिया जाएगा। अपहरणकर्ताओं ने परिजनों को यह कहने का दबाव भी बनाया कि दोनों युवकों को शराब के साथ पकड़ा गया है और पैसे मिलने के बाद ही छोड़ा जाएगा। एसपी ने बनाई स्पेशल टीम,सीसीटीवी की फुटेज खंगाली मामला दर्ज होने के बाद एसपी सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर सदर डीएसपी अभिषेक आनंद और ईस्ट कॉलोनी थानाध्यक्ष वीरभद्र कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सीसीटीवी जांच में मद्य निषेध विभाग की एक गाड़ी, एक अपाचे और एक स्प्लेंडर बाइक संदिग्ध रूप से घटनास्थल के पास देखी गई। जांच में पता चला कि उस दिन मद्य निषेध विभाग की टीम अवर निरीक्षक पिंटू कुमार के नेतृत्व में छापेमारी पर निकली थी। हालांकि टीम वापस लौट गई थी, लेकिन सिपाही विकास कुमार और एमटीएस नीरज कुमार वहीं रुक गए थे। पुलिस ने सिपाही विकास को हिरासत में लेकर की पूछताछ पुलिस ने सिपाही विकास कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ में उसने एमटीएस नीरज कुमार और दो निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर अपहरण की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि फिरौती के तौर पर 50 हजार रुपये की मांग की गई थी, लेकिन परिजनों ने गांव में कर्ज लेकर 16 हजार रुपये दिए, जिसके बाद दोनों युवकों को घटवारी जंगल इलाके में छोड़ दिया गया। डीएसपी बोले-एमटीएस सहित अन्य आरोपियों के लिए छापेमारी डीएसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि आरोपी सिपाही विकास कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। एमटीएस नीरज कुमार सहित दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। जिस विभाग पर शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू कराने की जिम्मेदारी है, उसी विभाग के कर्मियों पर अपहरण और फिरौती जैसे गंभीर आरोप लगना पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है। मुंगेर में फिरौती के लिए दो युवकों के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में मद्य निषेध विभाग के सिपाहियों की संलिप्तता उजागर हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सिपाही को अरेस्ट कर जेल भेज दिया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। 5 फरवरी को सत्यमेव को बाइक सवारों ने उटाया था घटना 5 फरवरी की शाम की है। नयागांव केशोपुर निवासी अभिषेक कुमार ने ईस्ट कॉलोनी थाना में आवेदन देकर बताया कि वह अपने 15 साल के भतीजे सत्यमेव कुमार के साथ आरपीएफ मैदान में टहल रहे थे। इसी दौरान चार लोगों ने जातिसूचक गालियां देते हुए जबरन दोनों को दो बाइकों पर बैठाया और जंगल की ओर ले गए, जहां उनके साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने परिजनों से 50 हजार रुपये की मांगी थी फिरौती आरोपियों ने दोनों के मोबाइल फोन छीन लिए और परिजनों को कॉल कर 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी। धमकी दी गई कि पैसे नहीं देने पर दोनों को जान से मार दिया जाएगा। अपहरणकर्ताओं ने परिजनों को यह कहने का दबाव भी बनाया कि दोनों युवकों को शराब के साथ पकड़ा गया है और पैसे मिलने के बाद ही छोड़ा जाएगा। एसपी ने बनाई स्पेशल टीम,सीसीटीवी की फुटेज खंगाली मामला दर्ज होने के बाद एसपी सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर सदर डीएसपी अभिषेक आनंद और ईस्ट कॉलोनी थानाध्यक्ष वीरभद्र कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सीसीटीवी जांच में मद्य निषेध विभाग की एक गाड़ी, एक अपाचे और एक स्प्लेंडर बाइक संदिग्ध रूप से घटनास्थल के पास देखी गई। जांच में पता चला कि उस दिन मद्य निषेध विभाग की टीम अवर निरीक्षक पिंटू कुमार के नेतृत्व में छापेमारी पर निकली थी। हालांकि टीम वापस लौट गई थी, लेकिन सिपाही विकास कुमार और एमटीएस नीरज कुमार वहीं रुक गए थे। पुलिस ने सिपाही विकास को हिरासत में लेकर की पूछताछ पुलिस ने सिपाही विकास कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ में उसने एमटीएस नीरज कुमार और दो निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर अपहरण की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि फिरौती के तौर पर 50 हजार रुपये की मांग की गई थी, लेकिन परिजनों ने गांव में कर्ज लेकर 16 हजार रुपये दिए, जिसके बाद दोनों युवकों को घटवारी जंगल इलाके में छोड़ दिया गया। डीएसपी बोले-एमटीएस सहित अन्य आरोपियों के लिए छापेमारी डीएसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि आरोपी सिपाही विकास कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। एमटीएस नीरज कुमार सहित दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। जिस विभाग पर शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू कराने की जिम्मेदारी है, उसी विभाग के कर्मियों पर अपहरण और फिरौती जैसे गंभीर आरोप लगना पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।


