कठूमर. जिले के कठूमर थाना परिसर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई ने पुलिस महकमे में हडक़ंप मचा दिया। दौसा एसीबी टीम ने बुधवार शाम थाने के बाहर जाल बिछाकर एक कांस्टेबल और उसके दलाल को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे-हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान जैसे ही एसीबी टीम थाने पहुंची, वहां अफरा-तफरी मच गई और थाना परिसर लगभग खाली हो गया। थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी मौके से गायब मिले।
एसीबी दौसा के डीएसपी रङ्क्षवद्र ङ्क्षसह शेखावत ने बताया कि फूटाकी (थाना सीकरी) निवासी परिवादी ने बुधवार सुबह भरतपुर चौकी में शिकायत दी थी। उसने आरोप लगाया कि उसके बेटे को एक मामले में बचाने के एवज में 40 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी दौसा और भरतपुर की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। योजना के तहत बुधवार शाम करीब 6 बजे टीम चार वाहनों में सवार होकर कठूमर पहुंची और थाने के आसपास जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार परिवादी ने थाने के मुख्य गेट के बाहर खड़े दलाल निरजंन तसई को 20 हजार रुपए दिए। इस दौरान आरोपी कांस्टेबल रामेश्वर दयाल गुर्जर भी मौके पर मौजूद था। जैसे ही रकम का लेन-देन हुआ, एसीबी टीम ने तुरंत दबिश देकर दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया।
मामला प्रेम विवाह से जुड़ा बताया जा रहा
परिवादी के 21 वर्षीय बेटे ने 16 मार्च को हरियाणा के झज्जर में दूसरी जाति की युवती से प्रेम विवाह किया था। इस पर युवती के परिजनों ने अपहरण का मामला दर्ज कराया। नवविवाहित जोड़ा सुरक्षा के लिए अलवर एसपी कार्यालय पहुंचा, जहां से कठूमर पुलिस उन्हें थाने ले आई और युवक को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। आरोप है कि युवक को छोडऩे के एवज में अलग-अलग माध्यमों से 40 हजार की मांग की जा रही थी। इस मामले में जांच अधिकारी एएसआइ नरेंद्र मीणा बताए जा रहे हैं। फिलहाल एसीबी टीम गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढऩे के साथ और बड़े खुलासे की संभावना है, ताकि प्रकरण की परतें खुल सकती हैं।
कांस्टेबल व दलाल 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे-हाथों गिरफ्तार…. देखें वीडियो….


