भिवानी में कांग्रेस का मनरेगा बहाली को लेकर प्रदर्शन:अनिरुद्ध चौधरी बोले- गारंटी एक दिन की भी नहीं, प्रदीप गुलिया ने कहा- हकों की लड़ाई लड़ेंगे

भिवानी में कांग्रेस का मनरेगा बहाली को लेकर प्रदर्शन:अनिरुद्ध चौधरी बोले- गारंटी एक दिन की भी नहीं, प्रदीप गुलिया ने कहा- हकों की लड़ाई लड़ेंगे

भिवानी के लघु सचिवालय के बाहर कांग्रेस ने मनरेगा बहाली को लेकर धरना प्रदर्शन किया। इसकी अध्यक्षता ग्रामीण अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी व शहरी अध्यक्ष प्रदीप गुलिया ने की। साथ ही कांग्रेस पार्टी के जिलाभर के पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर मनरेगा की बहाली तथा मजदूरों को रोजगार की गारंटी दिए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। भिवानी के ग्रामीण जिला प्रधान अनिरुद्ध चौधरी व शहरी जिला प्रधान प्रदीप गुलिया ने बताया कि उनका यह एक दिवसीय प्रदर्शन एक फरवरी से 6 फरवरी तक प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर आयोजित किया जा रहा है। उनकी मांग है कि मनरेगा को फिर से बहाल किया जाए तथा मजदूरों को रोजगार की गारंटी दी जाए। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि वर्तमान में जो मनरेगा का प्रारूप बदला है, उसमें 125 दिन रोजगार दिए जाने की बात कही जाती है। जबकि रोजगार की गारंटी एक दिन की भी नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि 200 दिन रोजगार की गारंटी दी जाए तथा पंचायतों के अधिकारों में बढ़ोत्तरी की जाए तथा मजदूरों का जो बकाया पैसा है वह भी उनके खातों में डलवाया जाए। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत प्रदेश का 40 प्रतिशत हिस्सा किया गया है। प्रदेश कर्ज में डूबे हुए है तथा 40 प्रतिशत हिस्सा देने के बाद ही नए कानून के तहत केंद्र अपना 60 प्रतिशत हिस्सा मजदूरों को नए वीबीजी राम जी योजना के तहत देगा। ऐसे में राज्य का शेयर ना दिए जाने पर केंद्र का शेयर भी रूक जाएगा तथा मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पाएगा। यूरोपीयन देशों से डील हुई, उससे देश के किसानों का अहित हुआ उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो यूरोपीयन देशों से डील हुई है, उससे देश के किसानों का अहित हुआ है। क्योंकि इस डील में भारत की परिस्थितियों को नहीं देखा गया, क्योंकि भारत के किसानों के पास पानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी है तथा वे खेती के विभिन्न प्रारूपों पर अधिक इन्वेस्ट भी नहीं कर सकते। भारत का मौसम व परिस्थितियां भी अलग है, ऐसे में भारतीय किसान विदेशियों के लिए जो रास्ता खोलकर देश का मार्केट उनके लिए खोला है, उसका मुकाबला नहीं कर पाएंगे, जिससे भारत के किसानों के हालात पहले से भी बदतर हो जाएंगे।

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