MP Congress Met With Effective people: पीड़ित परिवारों से मिलने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भागीरथपुरा पहुंचे। पांच परिवारों से मिले। पीड़ितों को सांत्वना देने और सियासी घेराव के लिए पहुंचे नेताओं के लिए प्रशासन ने इतनी फोर्स लगाई कि वे खुद ही घिर गए।
नहीं मिल रही पर्याप्त चिकित्सा
सुविधा इंटरविनर याचिकाकर्ता अभिनव धानोतकर ने कोर्ट को बताया, पीड़ितों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल रहा। हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अगुवाई में जांच समिति बनाई जाए। एक याचिकाकर्ता ने कहा, भ्रष्टाचार व अफसरों की लापरवाही से लोगों की जान गई है। कोर्ट ने कहा कि उसका पहला उद्देश्य पीड़ितों को समुचित इलाज दिलाना है, लेकिन आवश्यकता पड़ी तो दोषियों पर आपराधिक व नागरिक दायित्व भी तय किए जाएंगे।
भागीरथपुरा पहुंचे जीतू-उमंग, बोले-हम को मिलने से रोक रही थी पुलिस
भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों के पीड़ित परिवारों से मिलने मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भागीरथपुरा पहुंचे। उनके आने के पहले भागीरथपुरा पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। पटवारी और सिंघार ने पांच परिवारों से मुलाकात की।
पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोका
दोपहर 1 बजे पटवारी, सिंघार, विधायक सचिन यादव, सज्जन सिंह वर्मा, शोभा ओझा, चिंटू चौकसे और विपिन वानखेड़े समेत कांग्रेसी चौकसे समाज धर्मशाला में इकट्ठा हुए। इसके बाद कार से पोलोग्राउंड से भागीरथपुरा की ओर बढ़े तो पुलिस ने बैरिकेट्स लगाकर रोक दिया। यहां देर तक पुलिस से बहस के बाद दो कार में 5 नेताओं को जाने की अनुमति दी गई।

पीड़ित परिवार ने सुनाया दर्द
इसके बाद भागीरथपुरा चौकी के पास सबसे पहले जीवनलाल के परिवार से सभी ने मुलाकात की। परिवार ने बताया कि हमने गंदे पानी की शिकायतें पहले भी की थी, उसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद गीताबाई, अशोक पंवार, नंदूपाल और संतोष बिगोलिया के परिवार से मिलने पहुंचे।
पुलिस का कड़ा पहरा, सिंघार की अफसरों से बहस
जब कांग्रेस नेता लोगों से मिलने पहुंचे तब तक कांग्रेसियों की भीड़ जमा हो गई। जब वे दूसरे परिवार से मिलने पहुंचे तो डीसीपी राजेश व्यास और एडिशनल डीसीपी रामस्नेही मिश्रा ने रोक दिया।
इस पर सिंघार ने कहा कि क्यों नहीं जाने दे रहे हो? अनुमति लेकर आए हैं। बीच में से हटो, हम मिलने जाएंगे। इसके बाद कांग्रेसी चार और परिवारों से मिले। दोनों नेताओं ने इंदौर पुलिस प्रशासन पर रोकने का आरोप लगाकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग दोहराई। करीब दो घंटे रुकने के बाद चाचा नेहरू अस्पताल में भर्ती मरीजों से मिलने भी पहुंचे।


