बिहार विधानसभा का बजट सत्र कल से शुरू होने वाला है और कांग्रेस ने अभी तक अपने विधायक दल का नेता घोषित नहीं किया है। इस बीच कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व विधायक शकील अहमद खान ने कहा कि कांग्रेस सदन के अंदर राजद के साथ है, लेकिन बाहर एकला चलो की राह पर है। उन्होंने प्रशांत किशोर के साथ गठबंधन को लेकर कहा कि अगर हमारे विचार मिले, तो राजनीति में संभावनाएं भी बन सकती है। वहीं, पूर्व नेता शकील अहमद द्वारा राहुल गांधी को डरपोक पॉलिटिशियन के बयान पर उन्होंने कहा कि ‘स्मॉल मैन, स्मॉल स्टेटमेंट।’ उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की… सवाल: विधानसभा का सत्र शुरू होने वाला है, कांग्रेस कब तक विधायक दल के नेता का ऐलान करेगी? जवाब: सत्र शुरू होने वाला है और वही होगा जो मौजूदा सरकार चाहती है। तमाम बिल जिस पर विधानसभा के अंदर बहस जरूरत होती है, तो वो करती नहीं है। संख्या के बल पर बिल पास कराने की आदत है। कोई बहस, कोई बातचीत, कोई कंसेंसस डेवलप नहीं हो, यही मौजूदा सरकार कराएगी। सवाल: कांग्रेस के 6 विधायकों का नेता आखिर कौन बनेगा, किसका नाम आगे है? जवाब: चिंता नहीं करें, वो भी चीजें जल्द तय हो जाएगी। समय पर सब तय हो जाएगी।
सवाल: सत्र के दौरान क्या कांग्रेस, राजद के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाएगी या अलग राह पर चलेगी? जवाब: विधानसभा के अंदर जो फ्लोर एडजस्टमेंट होता है, उसमें समान विचारधारा के लोग में कोई दिक्कत नहीं होती है। कांग्रेस पार्टी ने अपना कार्यक्रम पूरे बिहार में अपने तौर पर चलाने में आगे बढ़ चुकी है। हमारे कार्यक्रम का एक अलग स्वरूप है। विधानसभा के अंदर कई सारी पार्टियां होती है, जो सरकार को एक साथ मिलकर घेरती हैं। उसमें एक साथ आने में कहीं कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन पार्टी अपने रास्ते में संघर्ष करते हुए लोगों के बीच आगे बढ़ गई है। कई बार विधानसभा के बाहर भी एक साझा कॉल होता है। सभी राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी राह अलग हो सकती है, लेकिन हमारा भाव किसी के प्रति नफरत का नहीं है। राजनीति में कोई जिद्द नहीं होती, बल्कि आगे बढ़ने की बात होती है।
सवाल: एक ऐसी चर्चा भी है कि कांग्रेस और जन सुराज भी गठबंधन बना सकती है। इस पर क्या कहना है? जवाब: राजनीति संभावनाओं का नाम है। कांग्रेस पार्टी अपने विचार को प्रस्तुत करती है। अगर कोई उस विचार के साथ जुड़ना चाहता है तो जुड़े, इसमें कोई दिक्कत नहीं है। अगर कोई हमारे विचार के साथ आता है तो आए, मगर जो रास्ता कांग्रेस पार्टी को अपनाना है वह अपनाती रहेगी। लेकिन अगर हमारे विचार मिले तो संभावनाएं भी हो सकती है। सवाल: कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद ने राहुल गांधी को डरपोक पॉलिटिशियन कहा था, इस पर क्या कहेंगे? जवाब: उन्होंने तथ्य से परे बयान दिया है। इसको बहुत ज्यादा सीरियस नहीं लेना चाहिए, क्योंकि उस बयान का कोई मतलब नहीं है। उनकी बातों का कोई लॉजिकल कंक्लुजन नहीं है। उनका बयान को लेकर मैं यही कहूंगा, ‘स्मॉल मैन, स्मॉल स्टेटमेंट।’ बिहार विधानसभा का बजट सत्र कल से शुरू होने वाला है और कांग्रेस ने अभी तक अपने विधायक दल का नेता घोषित नहीं किया है। इस बीच कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व विधायक शकील अहमद खान ने कहा कि कांग्रेस सदन के अंदर राजद के साथ है, लेकिन बाहर एकला चलो की राह पर है। उन्होंने प्रशांत किशोर के साथ गठबंधन को लेकर कहा कि अगर हमारे विचार मिले, तो राजनीति में संभावनाएं भी बन सकती है। वहीं, पूर्व नेता शकील अहमद द्वारा राहुल गांधी को डरपोक पॉलिटिशियन के बयान पर उन्होंने कहा कि ‘स्मॉल मैन, स्मॉल स्टेटमेंट।’ उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की… सवाल: विधानसभा का सत्र शुरू होने वाला है, कांग्रेस कब तक विधायक दल के नेता का ऐलान करेगी? जवाब: सत्र शुरू होने वाला है और वही होगा जो मौजूदा सरकार चाहती है। तमाम बिल जिस पर विधानसभा के अंदर बहस जरूरत होती है, तो वो करती नहीं है। संख्या के बल पर बिल पास कराने की आदत है। कोई बहस, कोई बातचीत, कोई कंसेंसस डेवलप नहीं हो, यही मौजूदा सरकार कराएगी। सवाल: कांग्रेस के 6 विधायकों का नेता आखिर कौन बनेगा, किसका नाम आगे है? जवाब: चिंता नहीं करें, वो भी चीजें जल्द तय हो जाएगी। समय पर सब तय हो जाएगी।
सवाल: सत्र के दौरान क्या कांग्रेस, राजद के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाएगी या अलग राह पर चलेगी? जवाब: विधानसभा के अंदर जो फ्लोर एडजस्टमेंट होता है, उसमें समान विचारधारा के लोग में कोई दिक्कत नहीं होती है। कांग्रेस पार्टी ने अपना कार्यक्रम पूरे बिहार में अपने तौर पर चलाने में आगे बढ़ चुकी है। हमारे कार्यक्रम का एक अलग स्वरूप है। विधानसभा के अंदर कई सारी पार्टियां होती है, जो सरकार को एक साथ मिलकर घेरती हैं। उसमें एक साथ आने में कहीं कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन पार्टी अपने रास्ते में संघर्ष करते हुए लोगों के बीच आगे बढ़ गई है। कई बार विधानसभा के बाहर भी एक साझा कॉल होता है। सभी राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी राह अलग हो सकती है, लेकिन हमारा भाव किसी के प्रति नफरत का नहीं है। राजनीति में कोई जिद्द नहीं होती, बल्कि आगे बढ़ने की बात होती है।
सवाल: एक ऐसी चर्चा भी है कि कांग्रेस और जन सुराज भी गठबंधन बना सकती है। इस पर क्या कहना है? जवाब: राजनीति संभावनाओं का नाम है। कांग्रेस पार्टी अपने विचार को प्रस्तुत करती है। अगर कोई उस विचार के साथ जुड़ना चाहता है तो जुड़े, इसमें कोई दिक्कत नहीं है। अगर कोई हमारे विचार के साथ आता है तो आए, मगर जो रास्ता कांग्रेस पार्टी को अपनाना है वह अपनाती रहेगी। लेकिन अगर हमारे विचार मिले तो संभावनाएं भी हो सकती है। सवाल: कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद ने राहुल गांधी को डरपोक पॉलिटिशियन कहा था, इस पर क्या कहेंगे? जवाब: उन्होंने तथ्य से परे बयान दिया है। इसको बहुत ज्यादा सीरियस नहीं लेना चाहिए, क्योंकि उस बयान का कोई मतलब नहीं है। उनकी बातों का कोई लॉजिकल कंक्लुजन नहीं है। उनका बयान को लेकर मैं यही कहूंगा, ‘स्मॉल मैन, स्मॉल स्टेटमेंट।’


