कांग्रेस ने मनरेगा कमजोर करने पर केंद्र का किया विरोध:मोतिहारी में एक दिवसीय उपवास, फंडिंग पैटर्न बदलने का आरोप

कांग्रेस ने मनरेगा कमजोर करने पर केंद्र का किया विरोध:मोतिहारी में एक दिवसीय उपवास, फंडिंग पैटर्न बदलने का आरोप

मोतिहारी के अंबेडकर चौक पर बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने ‘मनरेगा बचाओ’ कार्यक्रम के तहत एकदिवसीय उपवास और विरोध प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष ई. शशि भूषण राय उर्फ गप्पू राय ने किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मनरेगा योजना को कमजोर करने का आरोप लगाया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि भूषण राय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा योजना तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के नेतृत्व में शुरू की गई थी। इस योजना का उद्देश्य देश के गरीब, मजदूर और पिछड़े परिवारों को साल में 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना था। ”जनहितकारी योजना को समाप्त करने की साजिश” राय ने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार इस जनहितकारी योजना को समाप्त करने की साजिश कर रही है। उन्होंने फंडिंग पैटर्न में बदलाव का हवाला देते हुए बताया कि पहले मनरेगा में केंद्र सरकार 90 प्रतिशत और राज्य सरकार 10 प्रतिशत राशि वहन करती थी। इससे राज्यों पर वित्तीय बोझ कम रहता था। ”स्वायत्तता और रोजगार सृजन की क्षमता प्रभावित होगी” अब केंद्र सरकार द्वारा लाई गई कथित नई योजना के तहत राज्य सरकारों को 10 प्रतिशत की जगह 40 प्रतिशत राशि खर्च करनी होगी, जबकि केंद्र केवल 60 प्रतिशत देगा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इससे राज्यों की स्वायत्तता और रोजगार सृजन की क्षमता प्रभावित होगी। चरणबद्ध आंदोलन चलाकर जनता को जागरूक भी करेगी कांग्रेस नेताओं ने घोषणा की कि पार्टी न केवल इस फैसले का विरोध कर रही है, बल्कि 10 जनवरी से 29 जनवरी तक चरणबद्ध आंदोलन चलाकर जनता को जागरूक भी करेगी। उनका कहना है कि मनरेगा गरीबों के हक और सम्मान से जुड़ी योजना है, जिसे कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। कार्यक्रम में युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष बिट्टू यादव, महानगर अध्यक्ष औशदूर रहमान उर्फ रोमा खान, अनवर आलम अंसारी, राहुल शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने मनरेगा की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। मोतिहारी के अंबेडकर चौक पर बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने ‘मनरेगा बचाओ’ कार्यक्रम के तहत एकदिवसीय उपवास और विरोध प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष ई. शशि भूषण राय उर्फ गप्पू राय ने किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मनरेगा योजना को कमजोर करने का आरोप लगाया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि भूषण राय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा योजना तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के नेतृत्व में शुरू की गई थी। इस योजना का उद्देश्य देश के गरीब, मजदूर और पिछड़े परिवारों को साल में 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना था। ”जनहितकारी योजना को समाप्त करने की साजिश” राय ने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार इस जनहितकारी योजना को समाप्त करने की साजिश कर रही है। उन्होंने फंडिंग पैटर्न में बदलाव का हवाला देते हुए बताया कि पहले मनरेगा में केंद्र सरकार 90 प्रतिशत और राज्य सरकार 10 प्रतिशत राशि वहन करती थी। इससे राज्यों पर वित्तीय बोझ कम रहता था। ”स्वायत्तता और रोजगार सृजन की क्षमता प्रभावित होगी” अब केंद्र सरकार द्वारा लाई गई कथित नई योजना के तहत राज्य सरकारों को 10 प्रतिशत की जगह 40 प्रतिशत राशि खर्च करनी होगी, जबकि केंद्र केवल 60 प्रतिशत देगा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इससे राज्यों की स्वायत्तता और रोजगार सृजन की क्षमता प्रभावित होगी। चरणबद्ध आंदोलन चलाकर जनता को जागरूक भी करेगी कांग्रेस नेताओं ने घोषणा की कि पार्टी न केवल इस फैसले का विरोध कर रही है, बल्कि 10 जनवरी से 29 जनवरी तक चरणबद्ध आंदोलन चलाकर जनता को जागरूक भी करेगी। उनका कहना है कि मनरेगा गरीबों के हक और सम्मान से जुड़ी योजना है, जिसे कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। कार्यक्रम में युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष बिट्टू यादव, महानगर अध्यक्ष औशदूर रहमान उर्फ रोमा खान, अनवर आलम अंसारी, राहुल शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने मनरेगा की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।  

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