रसोई गैस की किल्लत, बिजली दरों में बढ़ोतरी और महंगाई के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को सीवान जिले के विभिन्न प्रखंडों में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे और बैनर के साथ सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कई स्थानों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन सीवान शहर के अलावा महाराजगंज, दरौंदा, बड़हरिया, हुसैनगंज, भगवानपुर हाट, जीरादेई, गुठनी, गोरियाकोठी, बसंतपुर, मैरवा, रघुनाथपुर, पचरूखी, हसनपुरा, लकड़ी नवीगंज और सिसवन प्रखंडों में आयोजित किया गया। गलत विदेश नीति के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई
प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि गैस की किल्लत कोई प्राकृतिक समस्या नहीं बल्कि केंद्र सरकार की विफल नीतियों का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत विदेश नीति के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे महंगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पहले ईरान से सस्ते दर पर कच्चा तेल उपलब्ध होता था, लेकिन अब महंगे विकल्पों के चलते आम जनता पर बोझ बढ़ गया है। वहीं महाराजगंज के कांग्रेस अध्यक्ष जवाहर भाई ने कहा कि रसोई गैस महंगी होने से गरीब, किसान और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार में एलपीजी की सप्लाई में कटौती के कारण लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। बिहार के लोग पहले से ही महंगी बिजली खरीद रहे
किसान कांग्रेस के राज्य महासचिव अशोक कुमार सिंह ने बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार के लोग पहले से ही महंगी बिजली खरीद रहे हैं, इसके बावजूद दरों में वृद्धि और मनमानी वसूली हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. विधु शेखर पाण्डेय ने पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कीमतों में कटौती की मांग करते हुए कहा कि सिलेंडर की कीमत 500 रुपए से नीचे लाई जाए और सब्सिडी को 12 रिफिल तक बढ़ाया जाए। कांग्रेस नेताओं ने घोषणा की कि 3 अप्रैल को पटना में होने वाले बड़े प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सीवान से सैकड़ों कार्यकर्ता रवाना होंगे। रसोई गैस की किल्लत, बिजली दरों में बढ़ोतरी और महंगाई के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को सीवान जिले के विभिन्न प्रखंडों में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे और बैनर के साथ सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कई स्थानों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन सीवान शहर के अलावा महाराजगंज, दरौंदा, बड़हरिया, हुसैनगंज, भगवानपुर हाट, जीरादेई, गुठनी, गोरियाकोठी, बसंतपुर, मैरवा, रघुनाथपुर, पचरूखी, हसनपुरा, लकड़ी नवीगंज और सिसवन प्रखंडों में आयोजित किया गया। गलत विदेश नीति के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई
प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि गैस की किल्लत कोई प्राकृतिक समस्या नहीं बल्कि केंद्र सरकार की विफल नीतियों का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत विदेश नीति के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे महंगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पहले ईरान से सस्ते दर पर कच्चा तेल उपलब्ध होता था, लेकिन अब महंगे विकल्पों के चलते आम जनता पर बोझ बढ़ गया है। वहीं महाराजगंज के कांग्रेस अध्यक्ष जवाहर भाई ने कहा कि रसोई गैस महंगी होने से गरीब, किसान और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार में एलपीजी की सप्लाई में कटौती के कारण लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। बिहार के लोग पहले से ही महंगी बिजली खरीद रहे
किसान कांग्रेस के राज्य महासचिव अशोक कुमार सिंह ने बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार के लोग पहले से ही महंगी बिजली खरीद रहे हैं, इसके बावजूद दरों में वृद्धि और मनमानी वसूली हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. विधु शेखर पाण्डेय ने पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कीमतों में कटौती की मांग करते हुए कहा कि सिलेंडर की कीमत 500 रुपए से नीचे लाई जाए और सब्सिडी को 12 रिफिल तक बढ़ाया जाए। कांग्रेस नेताओं ने घोषणा की कि 3 अप्रैल को पटना में होने वाले बड़े प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सीवान से सैकड़ों कार्यकर्ता रवाना होंगे।


