Haryana Rajya Sabha election 2026: हरियाणा की 2 राज्य सभा सीटों के लिए 16 मार्च को वोटिंग होगी। इससे पहले कांग्रेस पार्टी को भीतरघात का डर सताने लगा है। कांग्रेस ने करमवीर बौद्ध को प्रत्याशी बनाया है। वहीं बीजेपी ने संजय भाटिया को उतारा है। इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल भी चुनावी मैदान में है। राज्य सभा में प्रदेश के इतिहास को देखते हुए कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को पार्टी के थिंक टैंक ने सलाह दी है कि वोटिंग तक प्रदेश के कांग्रेस विधायकों को पार्टी शासित दूसरे राज्य में शिफ्ट कर दिया जाए।
क्रॉस वोटिंग का सता रहा डर
कांग्रेस पार्टी को राज्य सभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है। दरअसल, प्रदेश में कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और करमवीर को जीतने के लिए 31 वोटों की जरूरत है। हालांकि कांग्रेस प्रत्याशी का जीतना तय माना जा रहा है, लेकिन पार्टी को क्रॉस वोटिंग का डर है। निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को भले ही बीजेपी का कथित समर्थन मिल रहा हो, लेकिन वह क्रॉस वोटिंग पर निर्भर है।
पहले भी हो चुकी है क्रॉस वोटिंग
राज्य सभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने का हरियाणा कांग्रेस विधायकों का इतिहास रहा है। यही वजह थी कि 2022 में हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अजय माकन को हार का सामना करना पड़ा।
हालांकि उस समय कांग्रेस ने दलबदल रोकने के लिए अपने विधायकों को छत्तीसगढ़ भेजा था। इसके अलावा 2016 में अलग-अलग स्याही से चिह्नित 12 वोटों को अमान्य बता दिया था। उस समय कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी आरके आनंद को हार का सामना करना पड़ा।
विधायकों से पूछी जा रही पसंद
इस बार कांग्रेस अपने विधायकों से उनकी पसंद पूछ रही है कि वे कहां जाना चाहेंगे। बताया जा रहा है कि विधायकों की पहली पसंद हिमाचल प्रदेश है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान लेगा। आलाकमान विधायकों को कांग्रेस शासित राज्य में ही भेजेगा।
फिलहाल हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में ही कांग्रेस की सरकार है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश नजदीक होने के चलते अनुमान लगाया जा रहा है कि पार्टी विधायकों को हिमाचल प्रदेश भेज सकती है।


