रामपुर में कांग्रेस नेताओं को विधानसभा घेराव के लिए लखनऊ जाने से रोक दिया गया। ये नेता पूर्व बिलासपुर विधायक संजय कपूर के गांधी समाधि के निकट स्थित आवास पर एकत्र हो रहे थे। सिविल लाइंस थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें आगे बढ़ने से मना किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष निक्कू पंडित के नेतृत्व में दर्जनभर से अधिक पदाधिकारी और कार्यकर्ता वहां मौजूद थे। पुलिस अधिकारियों ने उनसे बातचीत की और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए लखनऊ जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं रुकने का फैसला किया। नेताओं और समर्थकों ने आवास के बाहर कुर्सियां डालकर धरना दिया। थाना सिविल लाइंस के एक सब-इंस्पेक्टर के साथ दो-तीन पुलिसकर्मी और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) के सिपाही मौके पर तैनात रहे। पुलिस ने उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी और उच्च अधिकारियों को जानकारी भेजी। जिलाध्यक्ष निक्कू पंडित ने सरकार पर दमनकारी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से संगठन पर कोई असर नहीं पड़ेगा, बल्कि कार्यकर्ताओं का मनोबल और मजबूत होगा। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मतीउर्रहमान बबलू ने बताया कि मनरेगा सहित विभिन्न मुद्दों पर चलाए जा रहे आंदोलनों से पार्टी को जनसमर्थन मिला है। उन्होंने दावा किया कि प्रतिबंधों के बावजूद संगठनात्मक गतिविधियां जारी रहेंगी और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाई जाती रहेगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है, लेकिन राजनीतिक सरगर्मी तेज है।


