भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी का जन्मदिन सोमवार को सोनभद्र में मनाया गया। इस अवसर पर रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के छपका स्थित वृद्धाश्रम में वृद्धजनों को कंबल वितरित किए गए। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य आशुतोष कुमार दुबे (आशु) के नेतृत्व में आयोजित हुआ। इस दौरान आशुतोष कुमार दुबे ने कांग्रेस और सोनभद्र के गहरे रिश्ते पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि देश की आजादी के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने सोनभद्र में कई परियोजनाओं का लोकार्पण किया था। इनमें रिहंद डैम, हिंडालको इंडस्ट्री, एनटीपीसी, अनपरा/ओबरा तापीय परियोजनाएं शामिल हैं। दुबे ने स्वर्गीय रामप्यारे पनिका को आदिवासियों का नेता बताया, जिनका पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से गहरा लगाव था। उन्होंने दलितों और आदिवासियों के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। दुबे के अनुसार, कांग्रेस का उद्देश्य था कि जनपद के दलित, आदिवासी, किसान, मजदूर, महिलाएं और व्यापारी वर्ग आत्मनिर्भर बनें, जिसके लिए इन कल-कारखानों का निर्माण कराया गया था। उन्होंने घोरावल विधानसभा के उम्भा में आदिवासियों पर हुए अन्याय का भी जिक्र किया। दुबे ने बताया कि प्रियंका गांधी ने दिल्ली से आकर आदिवासियों के लिए आवाज उठाई थी, हालांकि उन्हें मौके पर पहुंचने से रोका गया था। यह घटना गांधी परिवार के सोनभद्र से गहरे जुड़ाव को दर्शाती है। इस अवसर पर उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने प्रियंका गांधी की लंबी उम्र की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रियंका गांधी फिर से उत्तर प्रदेश की प्रभारी बनेंगी और 1989 से पहले की तरह कांग्रेस सरकार सभी वर्गों के लिए काम करेगी, जिससे प्रदेश में खुशहाली आएगी। कांग्रेस नेताओं ने वर्तमान और पिछली सरकारों पर सोनभद्र जनपद की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि स्थानीय लोगों को यहां की कंपनियों और फैक्ट्रियों में रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं। इस दौरान आदिवासियों के मुद्दों पर प्रियंका गांधी की सक्रियता का भी उल्लेख किया गया। नेताओं ने बताया कि प्रियंका गांधी ने उम्भा कांड जैसे मामलों में आदिवासियों का समर्थन किया था। कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने की उम्मीद जताई।


