परसों की तारीख थी, उसके बाद हम घर पहुंच गए। घर में लेटे हुए थे, तभी अमित दरोगा जी का फोन आया, उन्होंने कहा कि– एक आरपीएफ में इंस्पेक्टर साहब नए आएं हैं। चोरी हो गई है एक, इंस्पेक्टर साहब मिलना चाहते है। पता करो, अपने पत्रकार साथियों से… हम बाइक से 35 नंबर सोना क्रासिंग पर गए, वहां आरपीएफ के इंस्पेक्टर साहब और अमित दरोगा जी मिले। RPF इंस्पेक्टर से मिलवाने के लिए दरोगा ने बुलाया था उन्होंने कहा कि भीमसेन के आगे बीएफसी लाइन पर किसी ने लोहा काट लिया है, तो पता करो। हमने कहा कि पता करके बताएंगे सर, फिर हम लोग आधे घंटे तक अमित दरोगा की गाड़ी में रुके रहे। आरपीएफ इंस्पेक्टर साहब ने कहा था कि–चोरी हुई है खुलासा कराओ, ऊपर से आदेश आ रहे हैं, पकड़ना है उनकों। तो हमने कहा कि देखते हैं। आरपीएफ इंस्पेक्टर अपनी सफेद रंग की कार से आए थे और अमित की काली रंग की स्कॉर्पियो थी। शिवबरन बोला- साहब मैने लड़की को देखा भी नहीं यह कबूलनामा था सचेंडी में 14 साल की किशोरी से गैंगरेप के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी शिवबरन का। पुलिस अधिकारियों की पूछताछ में वह गिड़गिड़ाता रहा कि साहब, हमने कुछ भी नहीं किया है, मैने कभी लड़की को देखा तक नहीं, न मेरी उससे कभी बात हुई है, आप चाहे तो मेरा मेडिकल करा लीजिए, अगर मैं दोषी हूं… तो मुझे जेल भेज दिया जाए… मुझे कोई समस्या नहीं है। पुलिस कस्टडी में आने के बाद गैंगरेप का आरोपी पुलिस अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाता रहा, रोता रहा… कि साहब मैने कुछ भी नहीं किया है, मुझे रंजिशन फंसाया जा रहा है। अब पढ़िए आरोपी की मुंह जुबानी उसने क्या कबूल किया अमित दरोगा कार चला रहे थे, इंस्पेक्टर अमित के बगल में बैठे और हम पीछे बैठ गए। हमने कहा कि जानकारी करते हैं, कुछ पता चलेगा तो बताएंगे। फिर आधे घंटे बाद इंस्पेक्टर साहब अपने रास्ते चले गए, हम अपनी बाइक से घर जा रहे थे। हमारा मफलर अमित दरोगा की स्कार्पियों में छूट गया। हमने कहा कि मफलर निकालो, मफलर लेकर बांधा, तभी शंकर पुरवा के दो लड़के आए। उन्होंने पूछा कि यहां क्या कर रहे हो, तो दरोगा जी ने पूछा कि तुम यहां क्या कर रहे हो ? बस इतना दरोगा जी ने कहा, तो लड़के बोला कि हम अपनी बहन को ढूंढ रहें हैं। सुबह लड़का चिल्ला रहा था, चाचा पानी लगा रहे थे उसके बाद हम अपने घर चले गए और दरोगा जी अपने। इसके बाद सर सुबह, खेत में चाचा लोगों ने पानी लगा रखा था। जहां वो लड़का चिल्ला रहा था, कि एक दरोगा जी आए थे और एक गोरा–गोरा लड़का था, जिसने मेरी बहन के साथ छेड़छाड़ की। हम तुरंत पहुंचे और उससे कहा कि– बउआ हमको देखा था क्या तुमने, तो वह बोला कि नहीं, हमारी बहन बता रही है। हमने कहा कि बहन को बुलाओ– तो वह लड़का बोला कि– मेरी बहन चौकी गई, जिसके बाद तुरंत मैं चौकी गया। सर मैं कुछ भी नहीं जान पा रहा हूं कि मुझे क्यों फंसाया गया है। सर क्रासिंग के बगल में एक लड़का फिंगर का ठेला लगाता है, उसको दिखवा लीजिए। सर उस लड़के का लड़की से अफेयर है, वो उससे मिलने आया है। सर जांच करा लीजिए, गहनता से, पूरी सच्चाई सामने निकल कर आ जाएगी। सर हमारी और लड़की की कोई बातचीत नहीं हुई लड़की से, सर लड़की का भाई का आया था टार्च लेकर बस वो कह रहा था, कि मेरी बहन खो गई। बस इतनी ही बातचीत हुई और कोई बात नहीं। थाने में कल शाम को इंस्पेक्टर ने हमे बुलाया तो हम चले आए, कोई चोर नहीं है हम। अब पढ़िए पुलिस अधिकारी और आरोपी के बीच हुए सवाल जवाब पुलिस अधिकारी– संतोष यादव कौन है ? शिवबरन– सर मेरे गांव के ही है। प्रापर्टी का काम करते है, उनकी बड़ी सी दुकान है पिछली बार एक मामला (मालगाड़ी से तेल चोरी) हुआ था, आरपीएफ का। जिसमें मुझे फंसा दिया गया था। पुलिस अधिकारी– और कुछ बताना चाह रहे हो ? शिवबरन– सर यह लड़की झूठ बोल रही है, एक लड़का है यहां, उसको उठा कर पूछताछ की जाए तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। सर जो सच्चाई थी सब बता दी। पुलिस अधिकारी– घटना के समय कौन–कौन मौजूद था ? शिवबरन– उस समय कोई नही था, केवल हम, दरोगा जी (अमित कुमार मौर्या) और लड़की का भाई, जो सिर्फ 2 मिनट रुका था। पुलिस अधिकारी– लड़की के भाई से तुम्हारा पहले से परिचय है ? शिवबरन (गिड़गिड़ाते हुए)– नही सर मैं जानता भी नहीं उसको। पुलिस अधिकारी– इंस्पेक्टर साहब वहां नहीं थे आरपीएफ वाले ? शिवबरन– इंस्पेक्टर साहब आ चुके थे, बात हो चुकी थी। वो उधर चले गए और हम लोग अपने रास्ते के लिए निकल गए। पुलिस अधिकारी– आप लोग तीन लोग थे ? शिवबरन– जी सर हम लोग तीन लोग थे। पुलिस अधिकारी– अभी तो आप कह रहे थे कि वो दो लड़के साथ आए थे ? शिवबरन– जो लड़की का भाई था, वो दो लोग आए थे, एक के हाथ में मोबाइल था। पुलिस अधिकारी– इसके बाद अमित दरोगा कहां चले गए? शिवबरन– अमित दरोगा मंडी चौकी के आगे रुके थे, उनका ट्रांसफर हुआ था पुलिस अधिकारी– अमित दरोगा का कहां ट्रांसफर हुआ ? कहां पोस्टेड है ? शिवबरन– सर अभी तो नहीं पता, लेकिन पहले भीमसेन चौकी में पोस्टेड थे पुलिस अधिकारी– अपनी बहन को पूछने के बाद लड़के चले गए, फिर दरोगा कितनी देर रुके आपके पास ? शिवबरन– लड़कों के जाने के बाद हमने अपना मफलर बांधा, बगल में मेरी बाइक खड़ी थी। बाइक उठाई और अपने घर चले आए और वो भी चले गए। पुलिस अधिकारी– अमित ने फोन करके आपको कितने बजे बुलाया था ? शिवबरन– सर लगभग 9:30 बजे, बाकी डिटेल फोन में मिल जाएगी। पुलिस अधिकारी– 9:30 बजे अमित के पास पहुंचने पर कितनी देर रुके ? शिवबरन– सर करीब आधे घंटे रुके पुलिस अधिकारी– आरपीएफ इंस्पेक्टर से बात होने के बाद, आप कितनी दूर पहुंचे थे ? शिवबरन– लगभग 900 मीटर दूर


