दमोह में पड़ रही ठंड के बीच मुसाफिरों और मरीजों के परिजन के लिए रैन बसेरे अब राहत का बड़ा ठिकाना बन गए हैं। कलेक्टर सुधीर कोचर की पहल और उनके किए गए निरीक्षण के बाद इन रैन बसेरों की व्यवस्थाएं अब पूरी तरह दुरुस्त हो चुकी हैं। करीब एक महीने पहले तक जिला अस्पताल और बस स्टैंड स्थित रैन बसेरों की हालत काफी खराब थी। ठहरने के इंतजाम पुख्ता न होने से मुसाफिरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। कलेक्टर सुधीर कोचर ने एक रात अचानक यहां पहुंचकर हकीकत देखी और अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। गर्म कपड़े और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम प्रशासन के निर्देशों के बाद रैन बसेरों में मुसाफिरों के लिए पर्याप्त कंबल और गर्म कपड़ों की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही रैन बसेरों में रोजाना साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। व्यवस्था संभालने के लिए हर 8 घंटे की शिफ्ट में एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। मरीजों के परिजन को मिली बड़ी राहत शुक्रवार रात जिला अस्पताल स्थित रैन बसेरे में सभी पलंग भरे नजर आए। यहां ठहरे मुसाफिरों और मरीजों के परिजनों ने बताया कि अब उन्हें रात गुजारने के लिए भटकना नहीं पड़ता। पर्याप्त बिस्तर और गर्म कपड़े होने की वजह से ठंड में उन्हें कोई परेशानी नहीं हो रही है। अब नहीं भटकना पड़ता इधर-उधर नगर पालिका के संचालित इन दोनों रैन बसेरों की सूरत बदलने से गरीब और असहाय लोगों को काफी मदद मिल रही है। बेहतर सुविधाओं के कारण अब लोग सुकून से अपनी रात काट पा रहे हैं, जिससे कड़ाके की ठंड का जोखिम कम हुआ है।


