खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड क्षेत्र में बढ़ती ठंड के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिला कृषि पदाधिकारी अविनाश कुमार ने किसानों को अत्यधिक ठंड से फसलों को बचाने के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि आलू, प्याज, मिर्च, सरसों, मक्का और गेहूं जैसी फसलें ठंड से प्रभावित हो सकती हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। अविनाश कुमार ने किसानों को ठंड के दौरान फसलों का उचित उपचार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सलाह दी कि किसान सिंचाई की उचित व्यवस्था बनाए रखें। इसके अतिरिक्त, ठंड बढ़ने पर पाले की संभावना अधिक होती है, ऐसे में किसान अपने खेतों के चारों ओर धुआं जलाकर ठंड के प्रभाव को कम कर सकते हैं। फसलों पर स्प्रे करना भी फायदेमंद रहेगा। कृषि विशेषज्ञ ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य ठंड फसलों के लिए लाभदायक होती है, लेकिन अत्यधिक ठंड हानिकारक साबित हो सकती है। हल्की ठंड गेहूं, मक्का और अन्य फसलों के लिए लाभकारी मानी जाती है, क्योंकि यह फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार करती है। इस वर्ष जिले में मक्का की बुवाई लगभग 22,000 हेक्टेयर में की गई है। वहीं, गेहूं की बुवाई 11,000 हेक्टेयर और राई की बुवाई 1,600 हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है। जिला कृषि पदाधिकारी अविनाश कुमार ने सभी प्रखंड वासियों से अपील की है कि सर्दी का मौसम बढ़ने के साथ ही वे अपनी फसलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें। खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड क्षेत्र में बढ़ती ठंड के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिला कृषि पदाधिकारी अविनाश कुमार ने किसानों को अत्यधिक ठंड से फसलों को बचाने के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि आलू, प्याज, मिर्च, सरसों, मक्का और गेहूं जैसी फसलें ठंड से प्रभावित हो सकती हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। अविनाश कुमार ने किसानों को ठंड के दौरान फसलों का उचित उपचार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सलाह दी कि किसान सिंचाई की उचित व्यवस्था बनाए रखें। इसके अतिरिक्त, ठंड बढ़ने पर पाले की संभावना अधिक होती है, ऐसे में किसान अपने खेतों के चारों ओर धुआं जलाकर ठंड के प्रभाव को कम कर सकते हैं। फसलों पर स्प्रे करना भी फायदेमंद रहेगा। कृषि विशेषज्ञ ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य ठंड फसलों के लिए लाभदायक होती है, लेकिन अत्यधिक ठंड हानिकारक साबित हो सकती है। हल्की ठंड गेहूं, मक्का और अन्य फसलों के लिए लाभकारी मानी जाती है, क्योंकि यह फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार करती है। इस वर्ष जिले में मक्का की बुवाई लगभग 22,000 हेक्टेयर में की गई है। वहीं, गेहूं की बुवाई 11,000 हेक्टेयर और राई की बुवाई 1,600 हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है। जिला कृषि पदाधिकारी अविनाश कुमार ने सभी प्रखंड वासियों से अपील की है कि सर्दी का मौसम बढ़ने के साथ ही वे अपनी फसलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें।


