पूर्णिया में फर्जी एजुकेशनल सर्टिफिकेट पर नौकरी करने वाले एक कंप्यूटर शिक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिला शिक्षा विभाग की जांच के बाद DEO रवींद्र कुमार प्रकाश ने सख्त कार्रवाई की है। बिना पीजी डिग्री के शिक्षक पद पर बहाल होने का मामला सामने आने के बाद ये कदम उठाया गया है। विजय कुमार के. नगर प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय चपय गंगैली में कार्यरत थे। आरोप था कि उन्होंने अनिवार्य स्नातकोत्तर डिग्री के बिना ही सीटेट- II परीक्षा 2019 में भाग लिया और बाद में बीपीएससी टीआरई-1 के जरिए नियुक्ति पा ली। जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने उनसे जवाब मांगा, लेकिन उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अविनाश कुमार अमन ने पूरे मामले की जांच कराई। जांच में साफ हो गया कि शिक्षक के पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता नहीं थी। रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने आदेश जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया। आदेश में कहा गया है कि बिना योग्यता के सरकारी नौकरी हासिल करना नियमों का गंभीर उल्लंघन है, इसलिए उन्हें पद से हटाया जाता है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने साफ संकेत दिया है कि नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ आगे सख्त कदम उठाए जाएंगे। पूर्णिया में फर्जी एजुकेशनल सर्टिफिकेट पर नौकरी करने वाले एक कंप्यूटर शिक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिला शिक्षा विभाग की जांच के बाद DEO रवींद्र कुमार प्रकाश ने सख्त कार्रवाई की है। बिना पीजी डिग्री के शिक्षक पद पर बहाल होने का मामला सामने आने के बाद ये कदम उठाया गया है। विजय कुमार के. नगर प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय चपय गंगैली में कार्यरत थे। आरोप था कि उन्होंने अनिवार्य स्नातकोत्तर डिग्री के बिना ही सीटेट- II परीक्षा 2019 में भाग लिया और बाद में बीपीएससी टीआरई-1 के जरिए नियुक्ति पा ली। जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने उनसे जवाब मांगा, लेकिन उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अविनाश कुमार अमन ने पूरे मामले की जांच कराई। जांच में साफ हो गया कि शिक्षक के पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता नहीं थी। रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने आदेश जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया। आदेश में कहा गया है कि बिना योग्यता के सरकारी नौकरी हासिल करना नियमों का गंभीर उल्लंघन है, इसलिए उन्हें पद से हटाया जाता है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने साफ संकेत दिया है कि नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ आगे सख्त कदम उठाए जाएंगे।


