छिंदवाड़ा में लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को सीएमएचओ कार्यालय में छापा मारकर एक कंप्यूटर ऑपरेटर को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक किडनी पीड़ित और दिव्यांग नर्सिंग ऑफिसर से उनकी पदस्थापना (अटैचमेंट) के बदले यह रकम मांगी थी। खास बात यह है कि कलेक्टर ने जनसुनवाई में नर्स की मदद के निर्देश दिए थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घूस लेने पर अड़े थे। रोहनकला में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर पुष्पा बरकड़े किडनी की बीमारी और दिव्यांगता से जूझ रही हैं। उन्होंने इलाज में सुविधा के लिए सीएमएचओ ऑफिस में अटैचमेंट का आवेदन दिया था। जनसुनवाई में कलेक्टर ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ को निर्देश दिए थे कि उन्हें कार्यालय में अटैच किया जाए। जब पुष्पा आदेश लेकर पहुंचीं, तो वहां पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र यदुवंशी ने पैसों की मांग कर दी। बोला- CMHO को पूरे पैसे चाहिए
आरोप है कि जितेंद्र यदुवंशी ने पुष्पा से कहा कि “सीएमएचओ को पूरे पैसे चाहिए, कम में बात नहीं बनेगी।” पुष्पा ने 20 हजार रुपए देने की बात कही, लेकिन वह 50 हजार पर अड़ा रहा। पीड़िता के मुताबिक, जब उन्होंने कलेक्टर के आदेश का हवाला दिया, तो सीएमएचओ डॉ. नरेश गुन्नाड़े ने कथित तौर पर कहा, “कलेक्टर हमारे कोई अधिकारी नहीं हैं।” लोकायुक्त ने रंगे हाथों दबोचा
मजबूर होकर पुष्पा ने 22 जनवरी को जबलपुर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत सही पाए जाने पर गुरुवार को लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही पुष्पा ने कंप्यूटर ऑपरेटर को 50 हजार रुपए दिए, टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। लोकायुक्त पुलिस अब मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।


