मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने समाहरणालय परिसर में ‘सेवा-संवाद-समाधान अनुश्रवण प्रणाली’ के तहत आमजनों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अपने कार्यालय कक्ष में सीधे संवाद स्थापित कर लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। यह जनसंवाद कार्यक्रम ‘सबका सम्मान-जीवन आसान (Ease of Living)’ पहल का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्यों में आने वाली कठिनाइयों को दूर करना और प्रशासन तथा जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना है। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए दर्जनों लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। इनमें मधुबनी निवासी बीपेश कुमार सिंह ने निजी जमीन पर घर बनाने से रोकने, बासोपट्टी पंचायत छतौनी के शंभू नाथ ने धान अधिप्राप्ति से संबंधित, और रांटी पंचवटी चौक के शुभचंद्र झा ने पैतृक जमीन पर पड़ोसी द्वारा अवैध कब्जे की शिकायत की।
इसके अतिरिक्त, मधेपुर प्रखंड के ग्राम द्वालख निवासी अनिल कामत, सुधीर कामत, सुशील कामत और विनोद कामत ने 1987 की बाढ़ में जमीन कट जाने के कारण वासगृह पर्चा निर्गत करवाने हेतु आवेदन दिया। जिलाधिकारी के अलावा, विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने कक्षों में उपस्थित होकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि प्रशासन आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सेवा मिल सके और उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने समाहरणालय परिसर में ‘सेवा-संवाद-समाधान अनुश्रवण प्रणाली’ के तहत आमजनों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अपने कार्यालय कक्ष में सीधे संवाद स्थापित कर लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। यह जनसंवाद कार्यक्रम ‘सबका सम्मान-जीवन आसान (Ease of Living)’ पहल का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्यों में आने वाली कठिनाइयों को दूर करना और प्रशासन तथा जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना है। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए दर्जनों लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। इनमें मधुबनी निवासी बीपेश कुमार सिंह ने निजी जमीन पर घर बनाने से रोकने, बासोपट्टी पंचायत छतौनी के शंभू नाथ ने धान अधिप्राप्ति से संबंधित, और रांटी पंचवटी चौक के शुभचंद्र झा ने पैतृक जमीन पर पड़ोसी द्वारा अवैध कब्जे की शिकायत की।
इसके अतिरिक्त, मधेपुर प्रखंड के ग्राम द्वालख निवासी अनिल कामत, सुधीर कामत, सुशील कामत और विनोद कामत ने 1987 की बाढ़ में जमीन कट जाने के कारण वासगृह पर्चा निर्गत करवाने हेतु आवेदन दिया। जिलाधिकारी के अलावा, विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने कक्षों में उपस्थित होकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि प्रशासन आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सेवा मिल सके और उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।


