Commits suicide: 3 बच्चों की मौत से दुखी पिता ने की आत्महत्या, कहता था- मेरे बच्चे ही नहीं बचे तो मैं जिंदा रहकर क्या करूंगा

Commits suicide: 3 बच्चों की मौत से दुखी पिता ने की आत्महत्या, कहता था- मेरे बच्चे ही नहीं बचे तो मैं जिंदा रहकर क्या करूंगा

कुसमी. बलरामपुर जिले के नगर पंचायत कुसमी से लगे ग्राम पंचायत सेमरा के तालापारा में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां संतान वियोग से मानसिक रूप से टूटे एक ग्रामीण ने फांसी लगाकर (Commits suicide) जान दे दी। इस घटना से गांव में शोक का माहौल है। दरअसल उसके 3 बच्चों की मौत अलग-अलग कारणों से पिछले कुछ वर्षों में हो गई थी। इससे वह डिप्रेशन में रह रहा था। वह गांव के लोगों से कहा करता था कि जब उसकी कोई संतानें हीं नहीं बचीं तो वह जिंदा रहकर क्या करेगा। इसी बीच उसने यह कदम उठा लिया।

कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेमरा तालापारा निवासी बजरंग पैकरा (Commits suicide) पिता रंजन राम उम्र 53 वर्ष गांव में भगत के रूप में जाना जाता था। बताया जा रहा है कि उसके तीनों बच्चों का अलग-अलग समय में बीमारी व अन्य कारणों से निधन हो गया था। इस गहरे आघात ने उसे मानसिक रूप से काफी परेशान कर दिया था।

परिजन और ग्रामीणों के अनुसार गहरे मानसिक पीड़ा में डूबा बजरंग पैकरा (Commits suicide) अक्सर कहा करता था कि अब मेरा कोई संतान नहीं बचा, जीकर क्या करूंगा। हाल के दिनों में वह हडिय़ा और शराब का सेवन भी करने लगा था।

बताया जा रहा है कि बुधवार को उनकी पत्नी महुआ बीनने गई हुई थी। इसी दौरान बजरंग पैकरा ने दिन में अपने भतीजे महेश्वर के घर भोजन किया और घर लौटकर मवेशियों को चारा (Commits suicide) भी दिया।

Commits suicide: पत्नी लौटी तो फंदे पर मिला

शाम को जब पत्नी घर लौटी तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी आवाज देने के बावजूद जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा खोला गया।

अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए, बजरंग पैकरा का शव फांसी (Commits suicide) के फंदे पर लटका था। सूचना पर पहुंची कुसमी पुलिस ने गुरुवार को शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया।

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