कोशी प्रमंडल आयुक्त राजेश कुमार ने शनिवार को तकनीकी और गैर-तकनीकी विभागों की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विभागवार लक्ष्यों के अनुसार उपलब्धियां सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया और अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी व समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ आम जनता तक पारदर्शी तरीके से तय समय के भीतर पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन योजनाओं की प्रगति लक्ष्य से पीछे है, उनकी नियमित निगरानी कर लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने को कहा गया। समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही प्रशासनिक और व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा हुई। आयुक्त ने निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर बाधा या संसाधन की कमी हो तो तुरंत जानकारी दें, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके। साथ ही विभागों के बीच समन्वय और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। फील्ड निरीक्षण और नियमित समीक्षा जरूरी
आयुक्त ने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसका लाभ आम लोगों को जमीन पर दिखना चाहिए। इसके लिए फील्ड स्तर पर नियमित निरीक्षण और सतत समीक्षा आवश्यक है। बैठक में आयुक्त के सचिव दिनेश लाल दास, उप निदेशक जनसंपर्क, क्षेत्रीय उप निदेशक (शिक्षा), उप निदेशक (कल्याण), संयुक्त निबंधक सहयोग समितियां, अधीक्षण अभियंता भवन प्रमंडल समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत कर निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया। कोशी प्रमंडल आयुक्त राजेश कुमार ने शनिवार को तकनीकी और गैर-तकनीकी विभागों की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विभागवार लक्ष्यों के अनुसार उपलब्धियां सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया और अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी व समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ आम जनता तक पारदर्शी तरीके से तय समय के भीतर पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन योजनाओं की प्रगति लक्ष्य से पीछे है, उनकी नियमित निगरानी कर लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने को कहा गया। समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही प्रशासनिक और व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा हुई। आयुक्त ने निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर बाधा या संसाधन की कमी हो तो तुरंत जानकारी दें, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके। साथ ही विभागों के बीच समन्वय और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। फील्ड निरीक्षण और नियमित समीक्षा जरूरी
आयुक्त ने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसका लाभ आम लोगों को जमीन पर दिखना चाहिए। इसके लिए फील्ड स्तर पर नियमित निरीक्षण और सतत समीक्षा आवश्यक है। बैठक में आयुक्त के सचिव दिनेश लाल दास, उप निदेशक जनसंपर्क, क्षेत्रीय उप निदेशक (शिक्षा), उप निदेशक (कल्याण), संयुक्त निबंधक सहयोग समितियां, अधीक्षण अभियंता भवन प्रमंडल समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत कर निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया।


