सलूम्बर नगर परिषद में ई-निविदा प्रक्रिया के तहत डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) जमा कराने को लेकर विवाद हो गया। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि उन्हें डीडी जमा करने से रोका जा रहा था और एक पुल निर्माण कार्य के लिए दबाव बनाया जा रहा था। नगर परिषद परिसर में हुआ हंगामा
इस घटना के बाद परिषद परिसर में हंगामा हुआ। ठेकेदारों ने इसे निविदा प्रक्रिया में हस्तक्षेप बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। बाद में नगर परिषद आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद स्थिति शांत हुई और ठेकेदारों से नियमानुसार डीडी जमा करवाई गई। ये है विवाद
विवाद नगर परिषद में प्रशासक काल के दौरान प्रस्तावित विकास, निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्यों से संबंधित है। इससे पहले परिषद ने एक ई-निविदा जारी की थी, जिसमें केवल एक ठेकेदार ने आवेदन किया था। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासक ने उस निविदा को रद्द कर दिया था। इसके बाद, परिषद प्रशासन ने 26 फरवरी को नया आदेश जारी कर 27 फरवरी को 12 विभिन्न निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए लगभग 6 करोड़ 80 लाख रुपए की नई ई-निविदा जारी की। डीडी जमा कराने से रोकने का आरोप
निविदा प्रक्रिया के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन करने वाले ठेकेदारों को 10 मार्च को परिषद कार्यालय में अपनी डीडी जमा करनी थी। इसी दिन, आरोप है कि नगर के दो व्यक्ति परिषद कार्यालय पहुंचे और ठेकेदारों को डीडी जमा करने से रोकने का प्रयास किया। उन पर एक विशेष पुल निर्माण कार्य के लिए दबाव बनाने का भी आरोप है। इस घटना के बाद परिषद परिसर में तनाव बढ़ गया और ठेकेदारों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ठेकेदारों का आरोप है कि कुछ लोग प्रशासनिक व्यवस्था का लाभ उठाकर निविदा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह का दबाव और हस्तक्षेप अनुचित है और यह विकास कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। आयुक्त ने बातचीत कर शांत कराया मामला
मामले की सूचना मिलते ही नगर परिषद आयुक्त गणपत लाल खटीक परिषद कार्यालय पहुंचे। उन्होंने ठेकेदारों और संबंधित पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद सभी ठेकेदारों को बुलाकर उनकी डीडी नियमानुसार जमा करवाई गई और निविदा प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। आयुक्त ने ठेकेदारों से अपील करते हुए कहा-वे किसी भी दलाल या बिचौलियों के संपर्क में न आएं और किसी के दबाव में आकर कोई निर्णय न लें। यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से दबाव बनाने या निविदा प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का प्रयास करता है तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके। आयुक्त ने बताया-सूचना मिलते ही नगर परिषद पंहुचा। उसके बाद वाह सभी ठेकेदारों और संबंधित पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत किया। उसके पश्चात सभी ठेकेदारों को बुलाकर उनकी डीडी नियमानुसार जमा करवाई गई और निविदा प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।


