Commercial Gas Supply: राजस्थान में LPG किल्लत के बीच आई राहत भरी खबर, कमर्शियल गैस कोटा बढ़ा; कल से लागू होंगे नए नियम

Commercial Gas Supply: राजस्थान में LPG किल्लत के बीच आई राहत भरी खबर, कमर्शियल गैस कोटा बढ़ा; कल से लागू होंगे नए नियम

Rajasthan Commercial LPG Increase: भीलवाड़ा। राजस्थान में कमर्शियल एलपीजी (गैस) की किल्लत झेल रहे कारोबारियों और एमएसएमई सेक्टर के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने राज्यों के लिए कमर्शियल एलपीजी का कोटा बढ़ाकर अब 50 फीसदी कर दिया है। मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह नई व्यवस्था 23 मार्च से प्रभावी होगी।

गौरतलब है कि संकट के चलते अब तक केवल 30 प्रतिशत कोटा ही आवंटित था। इसे अब 20 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई है। सरकार के इस कदम से पर्यटन, होटल और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को नई संजीवनी मिलने की उम्मीद है। इस मांग को लेकर मेवाड़ चैम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री भी प्रयासरत थी।

इन क्षेत्रों को मिलेगी प्राथमिकता

अतिरिक्त 20 प्रतिशत गैस का वितरण मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में किया जाएगा। फूड सेक्टर में रेस्टोरेंट, होटल, ढाबे और सामुदायिक रसोई। इंडस्ट्री में औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी इकाइयां। सामाजिक सरोकार के तहत प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो के एफटीएल सिलेंडर और सरकारी अनुदानित कैंटीन। मित्तल के अनुसार राज्य ने व्यापार सुधारों को लागू कर दिया है। नया आवंटन संकट से पूर्व के स्तर का 50 प्रतिशत होगा। इससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

राहत के साथ शर्तें’ लागू: अनिवार्य होगा रजिस्ट्रेशन

केंद्र ने कोटा बढ़ाने के साथ ही सख्त नियम भी लागू किए हैं ताकि गैस की कालाबाजारी रोकी जा सके। सभी कमर्शियल उपभोक्ताओं को तेल विपणन कंपनियों के पास अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। कंपनियां इनका सेक्टर-वार रेकॉर्ड रखेंगी।

भविष्य में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) को बढ़ावा देने के लिए उपभोक्ताओं को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन संस्था के पास आवेदन करना होगा और पीएनजी कनेक्शन के लिए अपनी तैयारी सुनिश्चित करनी होगी।

मिलेगी थोड़ी राहत

मेवाड़ चैम्बर ऑफ कामर्स के महासचिव आरके जैन का कहना है कि गैस संकट को लेकर शुक्रवार को ही मुख्य सचिव वी श्रीनिवास को प्रतिवेदन दिया था। इसके अलावा एमएसएमई मंत्रालय तथा राज्य सरकार को भी लगतार कोटा बढ़ाने की मांग कर रहे है। फिलहाल 50 प्रतिशत का कोटा मिलने से थोड़ी राहत तो मिलेगी, लेकिन फिर भी उद्योग अपनी क्षमता से नहीं चल पाएंगे।

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