आगरा में कॉमेडियन राजपाल यादव का हुआ सम्मान:ताज साहित्य उत्सव में पहुंचे एक्टर, बोले उत्तर प्रदेश है मेरा कुलधाम

आगरा में कॉमेडियन राजपाल यादव का हुआ सम्मान:ताज साहित्य उत्सव में पहुंचे एक्टर, बोले उत्तर प्रदेश है मेरा कुलधाम

आगरा के जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में इंटरनेशनल ताज साहित्य उत्सव में अभिनेता राजपाल यादव को साहित्य और कला के प्रति योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने इसे अपने कुलधाम उत्तर प्रदेश से जुड़ा सम्मान बताया सम्मान ग्रहण करते हुए राजपाल यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश उनका कुलधाम है, इसलिए यह अवॉर्ड उनके लिए और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि जहां सात समंदरों की माप खत्म होती है, वहीं से कला का उद्गम होता है। जीवन के रंगमंच पर हम सभी छोटे-छोटे पात्र हैं और कला हमें सोचने, समझने और सही दिशा में आगे बढ़ने की ताकत देती है। राजपाल यादव ने कहा कि कला के माध्यम से उन्हें जीवन में सैकड़ों अनुभव जीने का अवसर मिला। अगर बार-बार मौका मिले तो हर बार कलाकार बनना ही चुनेंगे। उन्होंने कहा कि कला का आकार और उसका विज्ञान समझने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है और जब तक जीवन है, यह सेवा चलती रहेगी। कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम संयोजक पवन आगरी और स्कूल के प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ भी मंच पर मौजूद रहे। उप्र महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी साहित्य से दूर होती जा रही है। ऐसे साहित्य उत्सव युवाओं को संस्कारों और संस्कृति से जोड़ने का मजबूत मंच हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को सोशल मीडिया से संतुलित दूरी रखने और साहित्य से जोड़ने की अपील की। उत्सव के गीत-ग़ज़ल सत्र में देश के विभिन्न शहरों से आए कवियों ने वीर, श्रृंगार, करुणा और प्रेम रस की रचनाएं प्रस्तुत कीं। कविताओं में देशभक्ति, मां, घर और बुजुर्गों के सम्मान जैसे विषयों पर संदेश दिए गए। तालियों की गड़गड़ाहट और वाह-वाह ने पूरे माहौल को भावनात्मक बना दिया। अभीसार गीता शुक्ला, मनु वैशाली, सपना, अंजु सिंह, सपना मूलचंदानी, मालविका चौधरी और दीपा सैनी ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावनाओं से जोड़ दिया। संचालन इटावा के कुमार मनोज कुमार ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत में स्कूल के बच्चों ने प्रार्थना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। अतिथियों का स्वागत पौधे भेंट कर किया गया। बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, शिक्षाविद और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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