वाराणसी के कैंटोनमेंट में आज बनारसगिरी 5.0 का आगाज होगा। दो दिवसीय आयोजन में विरासत से लेकर आधुनिकता की झलक दिखेगी। जेएवी चौराहे से लेकर नेहरू पार्क और पुलिस कमिश्नर मार्ग तक स्टॉल और प्रदर्शनी लगाई जाएगी। छावनी बोर्ड और स्मार्ट सिटी के संयुक्त तत्वावधान में 14-15 मार्च को होने वाले इस कार्यक्रम को हर साल से भव्य बनाया जाएगा। इसमें काशी की पारंपरिक कला, शिल्प और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देते हुए अलग से प्रोत्साहित किया जाएगा। बनारसगिरी टीम की सदस्य आकांक्षा आलोक मिश्रा ने बताया कि आज इसका भव्य आगाज किया जाएगा। एक्सपो में बनारसी साड़ी, मीनाकारी आभूषण, हस्तशिल्प, लकड़ी और धातु की कलाकृतियों समेत कई पारंपरिक जीआई उत्पादों की स्टॉल लगाई जाएंगी। काशी की प्रसिद्ध मीनाकारी कला सहित विभिन्न जीआई उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की जाएगी। शहर के कारीगरों और शिल्पकारों को अपनी कला और उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। कारीगरों को नया बाजार मिलेगा और काशी की पारंपरिक कला को व्यापक पहचान मिलेगी। एमएसएमई से जुड़ी कई इकाइयां अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगी। आकांक्षा आलोक मिश्रा के अनुसार एक्सपो में आने वाले लोगों के लिए देशी फूड स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। यहां काशी के पारंपरिक व्यंजन और प्रसिद्ध पकवानों का स्वाद चखने का अवसर मिलेगा। आयोजन को रोचक बनाने के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता होगी। इसमें काशी के इतिहास, संस्कृति और स्थानीय उत्पादों से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। प्रतियोगिता में विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम में आने वाले लोगों से शहर के विकास, पर्यटन और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी लिए जाएंगे। पारंपरिक व्यंजनों के देशी फूड स्टॉल दिखेंगे। वहीं जनता की भागीदारी बड़ी संख्या में दिखेगी। छावनी बोर्ड और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने बताया कि बनारसगिरी 5.0 का उद्देश्य काशी की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्प को एक मंच प्रदान करना है।


