गिरिडीह में 25वीं अखिल भारतीय बहुभाषी नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता–2026 के अवसर पर कला संगम द्वारा एक रंग यात्रा निकाली गई। शनिवार को शहर की सड़कों पर निकली इस यात्रा में लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया, जिससे पूरा शहर सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो गया। यह रंग यात्रा बरमसिया स्थित सवेरा सिनेमा हॉल से शुरू होकर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से गुजरी। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजे होकर अपने-अपने क्षेत्र की लोक और शास्त्रीय नृत्य शैलियों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। असम का बिहू नृत्य, त्रिपुरा का शास्त्रीय नृत्य, झूमर और शिव तांडव सहित कई लोकनृत्यों ने राहगीरों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ढोल, नगाड़े और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंजती थाप पर कलाकारों की लयबद्ध प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण सांस्कृतिक उत्सव में बदल गया। विभिन्न कला दलों ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं सवेरा सिनेमा हॉल क्षेत्र इस रंग यात्रा का प्रमुख केंद्र रहा, जहां विभिन्न कला दलों ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। कला संगम के सचिव सतीश कुंदन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोककलाओं को बढ़ावा देना, भाषाई विविधता का सम्मान करना और राष्ट्रीय एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। रंग यात्रा के दौरान स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और कला प्रेमियों की बड़ी संख्या सड़कों के दोनों ओर खड़ी होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करती दिखी। लोगों ने तालियों और जयकारों के साथ उनका स्वागत किया। इस आयोजन ने गिरिडीह की सांस्कृतिक चेतना को उजागर किया और शहर को कला एवं संस्कृति के राष्ट्रीय मंच पर एक विशिष्ट पहचान दिलाई।


