नगर निगम में बंधक रखे प्लॉटो को बिना अनुमति बेचा:रतलाम में कॉलोनाइजर मनीष सुराणा को तीन साल की सजा; 22 हजार का अर्थदंड

नगर निगम में बंधक रखे प्लॉटो को बिना अनुमति बेचा:रतलाम में कॉलोनाइजर मनीष सुराणा को तीन साल की सजा; 22 हजार का अर्थदंड

नगर निगम में बंधक रखे प्लॉटो को बिना अनुमति बेचने वाले कॉलोनाइजर मनीष (42) पिता पूनमचंद्र सुराणा निवासी बिचलावास को कोर्ट ने 3 साल के सश्रम कारावास की सजा दी है। साथ ही 22 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रगति असाटी ने दिया है। प्रभारी सहायक निदेशक अभियोजन योगेश कुमार तिवारी ने बताया कि भगवतीलाल सोनी निवासी चांदनी चौक के आवेदन और नगर निवेश कार्यालय की समिति की रिपोर्ट पर 9 जून 2010 को थाना औद्योगिक क्षेत्र में कॉलोनाइजर मनीष सुराणा पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया। सुराणा ने सुराणा ने गोपाल नगर के कुल प्लॉटों के 25 फीसदी यानी 17 प्लॉट नगर निगम के पास बंधक रखे थे। लेकिन इन प्लॉट को बंधन मुक्त करवाए बिना बेच दिया। यहां तक पुलिस ने कॉलोनाइजर सुराणा के साथ निगम के तीन अधिकारियों जीके जायसवाल, संदेश शर्मा एवं ओमप्रकाश शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया था। अधिकारियों पर आरोप था कि इन्होंने इन प्लॉटों का नामांतरण किया, भवन निर्माण की अनुमति दी। प्रमाणित प्रतिलिपियां निकलवाई जांच में जिला पंजीयक कार्यालय रतलाम से बंधक प्लॉटों को बेचने की रजिस्ट्रियों की प्रमाणित कॉपियां निकलवाई। अभियोजन की ओर से 12 साक्ष्य करवाए गए एवं दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर कॉलोनाईजर मनीष सुराणा को दोष सिद्ध पाने पर सजा सुनाई। जबकि निगम के उक्त तीनों अधिकारियों को दोषमुक्त कर दिया। शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी हेमंत राठौर ने की।

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