ऑनलाइन ठगों ने पानी का बकाया बिल जमा कराने के नाम पर चंडीगढ़ में तैनात एक सेवारत कर्नल से 8 लाख 83 हजार रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को जम्मू-कश्मीर पीएचई विभाग का अधिकारी बताकर व्हाट्सएप पर संपर्क किया और एपीके फाइल डाउनलोड करवा ली। फाइल डाउनलोड होते ही कर्नल का बैंक खाता खाली हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित कर्नल वेस्टर्न कमांड के टेरिटोरियल आर्मी ग्रुप हेडक्वार्टर में डिप्टी कमांडर के पद पर तैनात हैं। उनके व्हाट्सएप नंबर पर रात करीब 8 बजे एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को जम्मू-कश्मीर पीएचई विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनका पानी का बिल बकाया है और तुरंत भुगतान नहीं करने पर सप्लाई काट दी जाएगी। मोबाइल नंबर से बैंक अकाउंट लिंक ठग ने कर्नल को भरोसे में लेते हुए कहा कि जिस मोबाइल नंबर से बैंक अकाउंट लिंक है, उसी से व्हाट्सएप पर ‘हाय’ भेजें। जैसे ही कर्नल ने मैसेज भेजा, आरोपी ने एक एपीके फाइल भेज दी। कर्नल ने बकाया राशि और कंज्यूमर नंबर की जानकारी मांगी तो ठग ने दूसरा नंबर देकर खुद को जेई बताया और बात करने को कहा। एपीके फाइल डाउनलोड करने के बाद आरोपी ने कर्नल को कंज्यूमर आईडी भेजी और भुगतान करने को कहा। पहले कर्नल ने क्रेडिट कार्ड की डिटेल भरी, लेकिन ट्रांजेक्शन फेल दिखाया गया। इसके बाद डेबिट कार्ड की जानकारी भी दर्ज करवाई गई। दो बार भुगतान असफल दिखने के बाद भी ठग सक्रिय रहे। जांच में सामने आया है कि एपीके फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल का रिमोट एक्सेस ठगों के पास चला गया। इसी के जरिए अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर खाते से 8.83 लाख रुपये निकाल लिए गए। जब कर्नल ने बैंक खाते की जांच की तो रकम गायब मिली। शिकायत मिलने पर पुलिस ने साइबर ठगी का केस दर्ज कर मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।


