इंदौर जिले में प्रॉपर्टी की नई कलेक्टर गाइडलाइन के लिए पंजीयन विभाग की तैयारी पूरी हो गई है। इस बार जो प्रस्ताव है उसके मुताबिक रेट में औसत 25 प्रतिशत वृद्धि होगी। जिले की कुल 4500 लोकेशन में से 3500 में यह बढ़ोतरी होगी। इसमें 0 से 50 प्रतिशत वृद्धि वाली लोकेशन ज्यादा हैं। इसलिए इसका ज्यादा असर नहीं होगा। इसके अलावा शहर और आसपास की 100 से ज्यादा लोकेशन ऐसी हैं, जहां 100 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि हो सकती है। वरिष्ठ जिला पंजीयक मंजूलता पटेल और डॉ. अमरेश नायडू के साथ पूरी टीम इस काम में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक अगले सप्ताह कलेक्टर शिवम वर्मा गाइडलाइन के लिए गठित जिला समिति की बैठक लेंगे। उसमें इस पर प्रारंभिक चर्चा होगी। अब तक जो प्रस्ताव तैयार किया गया है, उसके मुताबिक 2025-26 में जिले में कुल लोकेशन, एरिया, कॉलोनी की संख्या 4853 थी। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह संख्या 4,634 रहेगी। 530 से ज्यादा कॉलोनियों को अन्य लोकेशन में मर्ज किए जाने से संख्या घटी है। 321 नई लोकेशन जोड़ी
इसके अलावा 321 नई लोकेशन गाइडलाइन में जोड़ी जा रही हैं। इनकी अब तक गाइडलाइन तय नहीं थी। 21 नए विशिष्ट ग्राम भी इस बार शामिल होंगे। 60 से ज्यादा लोकेशन को गलत एंट्री के कारण हटाया जा रहा है। सबसे ज्यादा 12.5% स्टाम्प ड्यूटी मप्र में, फिर भी हर साल बढ़ोतरी
इंदौर सहित प्रदेश भर में पंजीयन विभाग देश में सबसे ज्यादा 12.5 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी है। अन्य कई राज्यों में यह 6 से 8 प्रतिशत ही है। बावजूद इसके हर साल पंजीयन विभाग जिलों में बड़े पैमाने पर रजिस्ट्री शुल्क के साथ गाइडलाइन में भी बढ़ोतरी करता है। सरकार पहले ही नए वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी विभाग के माध्यम से 15 के बजाय 20 प्रतिशत की वृद्धि इस साल की तुलना में प्रस्तावित कर चुकी है। स्टाम्प ड्यूटी का असर सीधे-सीधे रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ता है। पीएम आवास के मकान, फ्लैट पर भी असर होता है। रियल एस्टेट सेक्टर कई बार इसे लेकर सरकार से बात कर चुका है।


