संग्रह मौर्य आसनसोल रेल मंडल के नए DRM बने:जमुई में सिमुलतला मालगाड़ी हादसे के बाद रेलवे बोर्ड का फैसला

संग्रह मौर्य आसनसोल रेल मंडल के नए DRM बने:जमुई में सिमुलतला मालगाड़ी हादसे के बाद रेलवे बोर्ड का फैसला

सिमुलतला के पास हुए मालगाड़ी हादसे के बाद पूर्व रेलवे के प्रशासनिक ढांचे में चल रही उथल-पुथल अब शांत होती दिख रही है। रेलवे बोर्ड ने आसनसोल रेल मंडल के लिए नए नियमित मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) की नियुक्ति की घोषणा की है। यह फैसला तबादलों, कानूनी विवादों और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के हस्तक्षेप के बाद आया है। रेलवे बोर्ड द्वारा 29 जनवरी 2026 को जारी आदेश संख्या ई (ओ)III-2026/टीआर/04(2) के तहत संग्रह मौर्य (एनएफएचएजी/आईआरएसई) को आसनसोल मंडल का नियमित डीआरएम नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही, मुरादाबाद से पूर्व तटीय रेलवे के लिए उनका पूर्व प्रस्तावित तबादला निरस्त कर दिया गया है। इस निर्णय को आसनसोल जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक मंडल के लिए स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। रेलवे प्रशासन को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा उल्लेखनीय है कि सिमुलतला हादसे के बाद तत्कालीन डीआरएम विनीता श्रीवास्तव को उनके 145 दिनों के कार्यकाल के बाद हटाने का प्रयास किया गया था। 2 जनवरी को जारी इस आदेश को उन्होंने कैट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान न्यायाधिकरण ने स्पष्ट किया था कि नियमों के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों के लिए डीआरएम की पूर्व अनुमति अनिवार्य नहीं थी। इसके बाद रेलवे प्रशासन को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा और विनीता श्रीवास्तव को मुरादाबाद मंडल, उत्तर रेलवे की जिम्मेदारी सौंपी गई। परिचालन व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु करना प्राथमिक जिम्मेदारी हादसे के बाद से आसनसोल मंडल में सुधीर कुमार शर्मा (सीएमएम/वैगन/ईआर) कार्यवाहक डीआरएम के रूप में कार्यभार संभाल रहे थे। पूर्व रेलवे के सीपीआरओ कोलकाता, शिवराम मांझी ने पुष्टि की है कि नए आदेश के साथ यह अस्थायी व्यवस्था समाप्त हो गई है। अब नए डीआरएम संग्रह मौर्य के सामने सिमुलतला हादसे के बाद उत्पन्न प्रशासनिक चुनौतियों से निपटना, रेल सुरक्षा को मजबूत करना और परिचालन व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु करना प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। सिमुलतला के पास हुए मालगाड़ी हादसे के बाद पूर्व रेलवे के प्रशासनिक ढांचे में चल रही उथल-पुथल अब शांत होती दिख रही है। रेलवे बोर्ड ने आसनसोल रेल मंडल के लिए नए नियमित मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) की नियुक्ति की घोषणा की है। यह फैसला तबादलों, कानूनी विवादों और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के हस्तक्षेप के बाद आया है। रेलवे बोर्ड द्वारा 29 जनवरी 2026 को जारी आदेश संख्या ई (ओ)III-2026/टीआर/04(2) के तहत संग्रह मौर्य (एनएफएचएजी/आईआरएसई) को आसनसोल मंडल का नियमित डीआरएम नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही, मुरादाबाद से पूर्व तटीय रेलवे के लिए उनका पूर्व प्रस्तावित तबादला निरस्त कर दिया गया है। इस निर्णय को आसनसोल जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक मंडल के लिए स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। रेलवे प्रशासन को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा उल्लेखनीय है कि सिमुलतला हादसे के बाद तत्कालीन डीआरएम विनीता श्रीवास्तव को उनके 145 दिनों के कार्यकाल के बाद हटाने का प्रयास किया गया था। 2 जनवरी को जारी इस आदेश को उन्होंने कैट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान न्यायाधिकरण ने स्पष्ट किया था कि नियमों के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों के लिए डीआरएम की पूर्व अनुमति अनिवार्य नहीं थी। इसके बाद रेलवे प्रशासन को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा और विनीता श्रीवास्तव को मुरादाबाद मंडल, उत्तर रेलवे की जिम्मेदारी सौंपी गई। परिचालन व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु करना प्राथमिक जिम्मेदारी हादसे के बाद से आसनसोल मंडल में सुधीर कुमार शर्मा (सीएमएम/वैगन/ईआर) कार्यवाहक डीआरएम के रूप में कार्यभार संभाल रहे थे। पूर्व रेलवे के सीपीआरओ कोलकाता, शिवराम मांझी ने पुष्टि की है कि नए आदेश के साथ यह अस्थायी व्यवस्था समाप्त हो गई है। अब नए डीआरएम संग्रह मौर्य के सामने सिमुलतला हादसे के बाद उत्पन्न प्रशासनिक चुनौतियों से निपटना, रेल सुरक्षा को मजबूत करना और परिचालन व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु करना प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।  

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