पश्चिम चंपारण में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन के समय में बदलाव किया है। जिलाधिकारी तरणजोत सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किया है, जिसके तहत सभी शैक्षणिक संस्थानों को सुबह 10 बजे के बाद खोलने का निर्देश दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार, जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक ही किया जाएगा। यह नई व्यवस्था 12 जनवरी से 17 जनवरी तक प्रभावी रहेगी। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय प्रशासन ने बताया कि सुबह के समय अत्यधिक ठंड और घने कोहरे के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही थी। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। विद्यालय प्रबंधन को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। आने वाले दिनों में ठंड से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम अभिभावकों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। वहीं, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी निर्णय ले सकता है। पश्चिम चंपारण में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन के समय में बदलाव किया है। जिलाधिकारी तरणजोत सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किया है, जिसके तहत सभी शैक्षणिक संस्थानों को सुबह 10 बजे के बाद खोलने का निर्देश दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार, जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक ही किया जाएगा। यह नई व्यवस्था 12 जनवरी से 17 जनवरी तक प्रभावी रहेगी। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय प्रशासन ने बताया कि सुबह के समय अत्यधिक ठंड और घने कोहरे के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही थी। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। विद्यालय प्रबंधन को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। आने वाले दिनों में ठंड से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम अभिभावकों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। वहीं, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी निर्णय ले सकता है।


