हाथरस में शीतलहर का कहर, मासूम बच्चे की मौत:सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में बढ़े सांस और हृदय रोगी

हाथरस में शीतलहर का कहर, मासूम बच्चे की मौत:सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में बढ़े सांस और हृदय रोगी

हाथरस में शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सर्दी की चपेट में आने से बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। जिले के परसारा गांव में 3 महीने के एक मासूम बच्चे यश की ठंड लगने से मौत हो गई। यश, सुनील का पुत्र था और पिछले चार दिनों से सर्दी से पीड़ित था। रविवार को परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल की ओपीडी रविवार को बंद थी, लेकिन पिछले 12 घंटों में हृदय और सांस संबंधी बीमारियों के 30 से अधिक मरीज इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हुए। इनमें से कुछ मरीजों को आगे के इलाज के लिए रेफर भी किया गया है। निजी अस्पतालों में भी ऐसे मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि देखी जा रही है। अधिकांश मरीज सीने में दर्द और सांस फूलने जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। अस्पताल के फिजिशियन इन मरीजों का उपचार कर रहे हैं। सर्दी से करें अपना और अपने बच्चों का बचाव… जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. वरुण चौधरी ने बताया कि ठंड के कारण नसें सिकुड़ने लगती हैं, जिससे सांस के मरीजों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं और ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है। डॉ. चौधरी ने विशेषकर बुजुर्गों और पहले से बीमार मरीजों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ठंड से बचाव के लिए सिर, हाथ और पैरों को अच्छी तरह ढककर रखना चाहिए। हृदय और ब्लड प्रेशर के मरीजों को सुबह घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए और नियमित रूप से अपने ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहना चाहिए।

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