हरदोई में नए साल की शुरुआत के साथ ही भीषण शीतलहर का प्रकोप जारी है। गुरुवार, 8 जनवरी को अधिकतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस रहा। बर्फीली पछुआ हवाओं के कारण गलन में अत्यधिक वृद्धि हुई है। जिले में घना कोहरा यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। मौसम प्रेक्षक रमेश चंद्र वर्मा के अनुसार, गुरुवार को दृश्यता 100 से 200 मीटर के बीच रही। इससे पहले 6 जनवरी को दृश्यता शून्य से 50 मीटर तक गिर गई थी, जिससे सड़कों पर वाहनों की आवाजाही धीमी पड़ गई। सुबह के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है और लोग अलाव के सहारे ठंड से बचने की कोशिश करते दिखते हैं। शाम होते ही गलन बढ़ने से लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो जाते हैं। दोपहर में कुछ देर के लिए धूप निकली, लेकिन पछुआ हवाओं के आगे वह बेअसर साबित हुई। हवा में 97 प्रतिशत आर्द्रता और 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही पछुआ हवाएं ‘चिलिंग इफेक्ट’ पैदा कर रही हैं, जिससे ठंड का एहसास और बढ़ गया है। डॉक्टरों ने हृदय रोगियों और बच्चों के लिए इस मौसम को बेहद संवेदनशील बताया है। जनवरी के पहले सप्ताह में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। 6 जनवरी को न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा दिन रहा, जबकि 1 जनवरी को न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। अधिकतम तापमान भी 12.6 डिग्री सेल्सियस से 17.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है, जो सामान्य से काफी कम है। प्रशासन ने नगर पालिकाओं को सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि रात के समय सफर से बचें और गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें।


