बक्सर में ठंड का कहर, 9 डिग्री तक गिरा पारा:क्लास 1 से 8 तक के स्कूल बंद, ठिठुरन बढ़ने से जनजीवन प्रभावित

बक्सर में ठंड का कहर, 9 डिग्री तक गिरा पारा:क्लास 1 से 8 तक के स्कूल बंद, ठिठुरन बढ़ने से जनजीवन प्रभावित

बक्सर में इन दिनों ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहा, जिससे ठंड का असर और ज्यादा महसूस किया गया। सुबह के समय हल्का कोहरा और ठंडी हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। मौसम विभाग के अनुसार, बक्सर का न्यूनतम तापमान करीब 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से कम है। ठंड के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और खासकर सुबह व देर शाम घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। सुबह-शाम सड़कों पर सन्नाटा, अलाव बना सहारा ठंड इतनी तेज है कि सुबह और रात के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। जरूरी काम से ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। शहर के चौक-चौराहों और ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते नजर आए। ठंडी हवा के कारण ठिठुरन और बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर अपेक्षाकृत अधिक देखा जा रहा है, जहां खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को ज्यादा दिक्कत हो रही है। बुजुर्गों और बच्चों पर ठंड का ज्यादा असर तेज ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ रहा है। सर्द हवा और कम तापमान के कारण सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में गर्म कपड़े पहनना, गरम भोजन करना और सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचना बेहद जरूरी है। प्रशासन का बड़ा फैसला: स्कूल बंद बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। बक्सर जिले में कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि वे ठंड से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रह सकें। स्कूल बंद होने की सूचना मिलते ही अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। वहीं, कई स्कूल प्रबंधन ऑनलाइन या वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रहे हैं। मौसम विभाग की चेतावनी, अभी और बढ़ सकती है ठंड मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना कम है। न्यूनतम तापमान में अभी और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है। हालांकि हवा की गति बनी रहने के कारण ठंड का असर ज्यादा महसूस होगा। सुबह के समय कोहरा और रात में सर्द हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। स्वास्थ्य विभाग की सलाह और प्रशासन की तैयारी स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे ठंड को हल्के में न लें। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें। गर्म कपड़े पहनें, गरम पानी का सेवन करें और ठंडी हवा से बचाव करें। वहीं जिला प्रशासन की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जा रही है, ताकि जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके। रैन बसेरों और प्रमुख चौक-चौराहों पर भी ठंड से बचाव की तैयारी की जा रही है। ठंड ने बदली दिनचर्या, सावधानी जरूरी कुल मिलाकर बक्सर में ठंड ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह देर से लोग घरों से निकल रहे हैं और शाम होते ही बाजारों में भीड़ कम हो जा रही है। हालांकि अगर दोपहर में धूप निकलती है तो कुछ समय के लिए लोगों को राहत जरूर मिलती है, लेकिन फिलहाल ठंड से बेहाल लोगों को पूरी सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों ही हालात पर नजर बनाए हुए हैं। बक्सर में इन दिनों ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहा, जिससे ठंड का असर और ज्यादा महसूस किया गया। सुबह के समय हल्का कोहरा और ठंडी हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। मौसम विभाग के अनुसार, बक्सर का न्यूनतम तापमान करीब 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से कम है। ठंड के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और खासकर सुबह व देर शाम घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। सुबह-शाम सड़कों पर सन्नाटा, अलाव बना सहारा ठंड इतनी तेज है कि सुबह और रात के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। जरूरी काम से ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। शहर के चौक-चौराहों और ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते नजर आए। ठंडी हवा के कारण ठिठुरन और बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर अपेक्षाकृत अधिक देखा जा रहा है, जहां खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को ज्यादा दिक्कत हो रही है। बुजुर्गों और बच्चों पर ठंड का ज्यादा असर तेज ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ रहा है। सर्द हवा और कम तापमान के कारण सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में गर्म कपड़े पहनना, गरम भोजन करना और सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचना बेहद जरूरी है। प्रशासन का बड़ा फैसला: स्कूल बंद बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। बक्सर जिले में कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि वे ठंड से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रह सकें। स्कूल बंद होने की सूचना मिलते ही अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। वहीं, कई स्कूल प्रबंधन ऑनलाइन या वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रहे हैं। मौसम विभाग की चेतावनी, अभी और बढ़ सकती है ठंड मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना कम है। न्यूनतम तापमान में अभी और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है। हालांकि हवा की गति बनी रहने के कारण ठंड का असर ज्यादा महसूस होगा। सुबह के समय कोहरा और रात में सर्द हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। स्वास्थ्य विभाग की सलाह और प्रशासन की तैयारी स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे ठंड को हल्के में न लें। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें। गर्म कपड़े पहनें, गरम पानी का सेवन करें और ठंडी हवा से बचाव करें। वहीं जिला प्रशासन की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जा रही है, ताकि जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके। रैन बसेरों और प्रमुख चौक-चौराहों पर भी ठंड से बचाव की तैयारी की जा रही है। ठंड ने बदली दिनचर्या, सावधानी जरूरी कुल मिलाकर बक्सर में ठंड ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह देर से लोग घरों से निकल रहे हैं और शाम होते ही बाजारों में भीड़ कम हो जा रही है। हालांकि अगर दोपहर में धूप निकलती है तो कुछ समय के लिए लोगों को राहत जरूर मिलती है, लेकिन फिलहाल ठंड से बेहाल लोगों को पूरी सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों ही हालात पर नजर बनाए हुए हैं।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *