गोपालगंज जिले में बुधवार सुबह कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रकोप देखा गया। पछुआ हवाओं के कारण कनकनी काफी बढ़ गई है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। जिले के अधिकांश हिस्सों में दृश्यता (विजिबिलिटी) बहुत कम रही, जिसके चलते सड़कों पर वाहनों की गति धीमी पड़ गई। ठंड से बचाव के लिए ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोग जगह-जगह अलाव जलाते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। सुबह के समय कोहरा इतना घना था कि 50 मीटर की दूरी पर भी कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। पछुआ हवाओं से लोग परेशान हिमालयी क्षेत्रों से आ रही ठंडी पछुआ हवाओं ने पूरे जिले को शीतलहर की चपेट में ले लिया है। लोग आवश्यक होने पर ही अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। यह मौसम विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों तक इसी तरह की ठंड और कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। हालांकि, सुबह 8 बजे के बाद धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली। गोपालगंज जिले में बुधवार सुबह कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रकोप देखा गया। पछुआ हवाओं के कारण कनकनी काफी बढ़ गई है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। जिले के अधिकांश हिस्सों में दृश्यता (विजिबिलिटी) बहुत कम रही, जिसके चलते सड़कों पर वाहनों की गति धीमी पड़ गई। ठंड से बचाव के लिए ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोग जगह-जगह अलाव जलाते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। सुबह के समय कोहरा इतना घना था कि 50 मीटर की दूरी पर भी कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। पछुआ हवाओं से लोग परेशान हिमालयी क्षेत्रों से आ रही ठंडी पछुआ हवाओं ने पूरे जिले को शीतलहर की चपेट में ले लिया है। लोग आवश्यक होने पर ही अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। यह मौसम विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों तक इसी तरह की ठंड और कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। हालांकि, सुबह 8 बजे के बाद धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली।


