गोगरी प्रखंड क्षेत्र में बढ़ती ठंड के बावजूद अस्थायी आश्रय स्थलों की व्यवस्था नहीं हो पाई है। नगर परिषद पर इन आश्रय स्थलों को उपलब्ध कराने में विफलता का आरोप लग रहा है, जिससे आम जनता में असंतोष है। विभिन्न जगहों पर अलाव की व्यवस्था तो है, लेकिन लोगों द्वारा स्थायी आश्रय स्थलों की मांग की जा रही है। अस्थायी आश्रय स्थलों की सबसे अधिक आवश्यकता रजिस्ट्री मोड़ के पास महसूस की जा रही है। यहां अनुमंडल और प्रखंड कार्यालयों के साथ-साथ रजिस्ट्री कार्यालय भी स्थित है। दूर-दराज से आने वाले लोग अक्सर अपने कार्यों के चलते देर शाम या रात तक रुकने को मजबूर होते हैं, लेकिन उनके ठहरने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। वर्तमान में, अनुमंडल अस्पताल परिसर में एक स्थायी आश्रय स्थल मौजूद है, जिसकी व्यवस्था नगर परिषद द्वारा की गई है। इसके भूतल पर बारह बिस्तरों की सुविधा है। हालांकि, पहली मंजिल पर व्यवस्था अस्त-व्यस्त दिखी। यहां भी कुल बारह बिस्तर हैं, लेकिन उनमें से केवल आठ पर ही बिछावन उपलब्ध है। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि पहली मंजिल के बिस्तरों में से एक पर नगर परिषद के सर्वेयर सोते हैं। बिछावन, तकिया और मच्छरदानी तो उपलब्ध हैं, और बाथरूम भी साफ-सुथरा है, लेकिन पीने के पानी और रसोई की कोई व्यवस्था नहीं दिखी। इसके अतिरिक्त, आश्रय स्थल पर अलाव की सुविधा भी नदारद थी। कई लोगों ने बताया कि अनुमंडल अस्पताल स्थित स्थायी आश्रय स्थल तक पहुंचने में उन्हें अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता है। इसलिए, उन्होंने नगर परिषद से विभिन्न प्रमुख स्थानों पर अस्थायी आश्रय स्थलों की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि ठंड में बेघर लोगों को राहत मिल सके। गोगरी प्रखंड क्षेत्र में बढ़ती ठंड के बावजूद अस्थायी आश्रय स्थलों की व्यवस्था नहीं हो पाई है। नगर परिषद पर इन आश्रय स्थलों को उपलब्ध कराने में विफलता का आरोप लग रहा है, जिससे आम जनता में असंतोष है। विभिन्न जगहों पर अलाव की व्यवस्था तो है, लेकिन लोगों द्वारा स्थायी आश्रय स्थलों की मांग की जा रही है। अस्थायी आश्रय स्थलों की सबसे अधिक आवश्यकता रजिस्ट्री मोड़ के पास महसूस की जा रही है। यहां अनुमंडल और प्रखंड कार्यालयों के साथ-साथ रजिस्ट्री कार्यालय भी स्थित है। दूर-दराज से आने वाले लोग अक्सर अपने कार्यों के चलते देर शाम या रात तक रुकने को मजबूर होते हैं, लेकिन उनके ठहरने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। वर्तमान में, अनुमंडल अस्पताल परिसर में एक स्थायी आश्रय स्थल मौजूद है, जिसकी व्यवस्था नगर परिषद द्वारा की गई है। इसके भूतल पर बारह बिस्तरों की सुविधा है। हालांकि, पहली मंजिल पर व्यवस्था अस्त-व्यस्त दिखी। यहां भी कुल बारह बिस्तर हैं, लेकिन उनमें से केवल आठ पर ही बिछावन उपलब्ध है। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि पहली मंजिल के बिस्तरों में से एक पर नगर परिषद के सर्वेयर सोते हैं। बिछावन, तकिया और मच्छरदानी तो उपलब्ध हैं, और बाथरूम भी साफ-सुथरा है, लेकिन पीने के पानी और रसोई की कोई व्यवस्था नहीं दिखी। इसके अतिरिक्त, आश्रय स्थल पर अलाव की सुविधा भी नदारद थी। कई लोगों ने बताया कि अनुमंडल अस्पताल स्थित स्थायी आश्रय स्थल तक पहुंचने में उन्हें अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता है। इसलिए, उन्होंने नगर परिषद से विभिन्न प्रमुख स्थानों पर अस्थायी आश्रय स्थलों की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि ठंड में बेघर लोगों को राहत मिल सके।


