कोयला चोरी मामलाः 5 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

ईडी ने कोयला चोरी मामले में कोलकाता की विशेष अदालत में 5 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। क्या है पूरा मामला? आइए नज़र डालते हैं। 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 650 करोड़ रुपए के कथित कोयला चोरी और वसूली घोटाले में 5 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। अधिकारियों ने बताया कि दाखिल की गई चार्जशीट धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कोलकाता की विशेष अदालत में पेश की है।जांच एजेंसी के अनुसार यह मामला अवैध कोयला खनन, चोरी, परिवहन, बिक्री, फर्जी दस्तावेजों के उपयोग और जबरन वसूली से जुड़ा एक संगठित रैकेट है।

कोयला सिंडिकेट का हिस्सा थे आरोपी

ईडी ने जांच की शुरुआत 54 प्राथमिकी के आधार पर की थी, जो दुर्गापुर-आसनसोल क्षेत्र के विभिन्न थानों में दर्ज हुई थीं। ये शिकायतें ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई थीं। जांच में सामने आया कि आरोपी एक संगठित कोयला सिंडिकेट का हिस्सा थे, जो दुर्गापुर-आसनसोल और आसपास के इलाकों में सक्रिय था। दो आरोपियों को दो फरवरी को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी ने बताया कि सिंडिकेट न सिर्फ अवैध तरीके से कोयले का कारोबार करता था, बल्कि वैध डिलीवरी आदेश धारकों, परिवहनकर्ताओं और खरीदारों से व्यवस्थित रूप से वसूली भी करता था।

फर्जी कंपनियों और फर्मों का इस्तेमाल

यह वसूली ‘लिफ्टिंग शुल्क’, ‘हैंडलिंग शुल्क’ या ‘दान’ के रूप में दिखाई जाती थी। जांच में पाया गया कि वसूली की दर 275 रुपए प्रति टन से लेकर 1500 रुपए प्रति टन तक थी, जो नीलामी में बिकने वाले कोयले के वास्तविक मूल्य का 20–25% तक पहुंचती थी। इस कारण ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। ईडी के अनुसार पिछले 5 वर्षों में इस अवैध वसूली से अर्जित अपराध की आय 650 करोड़ रुपए से अधिक है। आरोपियों ने इस धन को वैध दिखाने के लिए फर्जी कंपनियों और फर्मों का इस्तेमाल किया।

  

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