भोपाल मेट्रो पर चलेंगी कोचिंग और कंप्यूटर क्लास, 8 स्टेशनों पर खुलेंगी 37 दुकानें

भोपाल मेट्रो पर चलेंगी कोचिंग और कंप्यूटर क्लास, 8 स्टेशनों पर खुलेंगी 37 दुकानें

MP News: भोपाल मेट्रो (Bhopal Metro) के स्टेशनों के खाली स्पेस को कोचिंग सेंटर बनाने की तैयारी की जा रही है। मेट्रो रेल कारपोरेशन ने यहां कमर्शियल स्पेस के उपयोग में कोचिंग सेंटर-कंप्यूटर क्लास को भी शामिल किया है। एम्स से सुभाष नगर तक आठ स्टेशनों पर 37 दुकान-कमरे कमर्शियल स्पेस के तौर पर देना है। इनका क्षेत्रफल 540 वर्गमीटर के करीब है।

शो रूम से लेकर स्टोर रूम तक के लिए जगह

मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने कमर्शियल स्पेस के उपयोग में इलेक्ट्रिक आइटम शो रूम से लेकर स्टोर रूम तक को शामिल किया है। सैलून, डिपार्टमेंटल स्टोर, रिटेल स्टोर जनरल स्टोर, रेस्टोरेंट फास्ट फूड स्टॉल, कैफे, आइसक्रीम पार्लर, कार्यालय, आइ-बैंक/ई-लाउंज, क्लिनिक, गार्मेंट्स शॉप मोबाइल शोरूम् वेंडिंग मशीन को जगह दी जाएगी।

पार्किंग की समस्या बढ़ी

अभी एमपी नगर में बड़े कोचिंग संस्थान हैं। यहां सबसे ज्यादा दिक्कत विद्यार्थियों के वाहनों की पार्किंग की है। मेन रोड पर वाहन रखने को लेकर ट्रैफिक पुलिस से लेकर नगर निगम व प्रशासन तक कोचिंग सेंटर्स को नोटिस दे चुके हैं। मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में छात्रों के वाहनों की पार्किंग कहां कराएंगे बड़ा सवाल है?

मेट्रो कंपनी ने गलत रिपोर्ट पर मांगी माफी

मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने भोपाल के पुराने शहर में कंस्ट्रक्शन कार्य के दौरान उत्पन्न की गई विसंगतियों के चलते हाई कोर्ट से लिखित माफी मांगी है। कोर्ट ने भविष्य में इस प्रकार गलती नहीं करने की चेतावनी जारी की है। श्रीनिवास अग्रवाल बनाम एमपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन प्रकरण में हाईकोर्ट द्वारा भोपाल स्टेशन के प्लेटफार्म 6 के समीप चल रहे निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।

सुनवाई में मेट्रो कंपनी द्वारा शपथपत्र से जानकारी दी गई कि याचिकाकर्ता द्वारा उल्लेखित की गई जमीन के नजदीक लगाए गए सभी वैरिकेड हटा लिए गए हैं। याचिकाकर्ता ने दोबारा अपील करते हुए कहा कि 3.75 फीट का संकरा रास्ता ही उपलब्ध कराया गया है, जो अव्यावहारिक है एवं शपथ पत्र में कंपनी ने गलत जानकारी प्रस्तुत की है।

लाइसेंस देंगे- चैतन्य कृष्णा

मेट्रो के नॉन फेयर रेवेन्यू के लिए जगह देना पहले से ही तय है। लाइसेंस देंगे। यात्री समेत अन्य किसी को भी दिक्कत न आए, इसकी शर्त तय है।- चैतन्य कृष्णा, एमडी, मेट्रो रेल (MP News)

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