CM नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद बिहार में नई सरकार बनना तय माना जा रहा है। नए CM के नाम से लेकर नई सरकार के प्रारूप तक, अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। दूसरी तरफ CM नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा पूरी करने में जुटे हैं। इस दौरान उनके साथ दोनों डिप्टी CM सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा साथ रह रहे हैं। वहीं, BJP के कई नेता भाजपा मुख्यालय दिल्ली और संघ मुख्यालय नागपुर का चक्कर लगा रहे हैं। BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी 3 दिन तक दिल्ली में रहे। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। शाह और सरावगी ने सीक्रेट मीटिंग की सूत्रों की मानें तो बिहार बीजेपी के कई नेता दिल्ली में अपने टॉप लीडरशिप के साथ मुलाकात करना चाह रहे हैं, लेकिन उन्हें मिलने का समय नहीं मिल रहा है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की अमित शाह के साथ मुलाकात हुई है, लेकिन इसे अनौपचारिक और सीक्रेट रखा गया है। इसकी कोई तस्वीर किसी भी प्लेटफॉर्म पर जारी नहीं की गई है। स्पीकर प्रेम कुमार ने संघ मुख्यालय में लगाई हाजिरी वहीं, बीजेपी के सीनियर लीडर और विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार संघ मुख्यालय नागपुर में हैं। वे संघ के नेताओं के साथ मुलाकात कर रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर जारी की। इसमें वह संघ के संस्थापक डॉ केशवराव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते दिखाई दे रहे हैं। दिल्ली से लौटने के बाद भास्कर ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी से बात की। पढ़िए, टॉप लीडरशिप से मुलाकात के बाद उन्होंने क्या कहा..। सवाल- दिल्ली में आपकी किन-किन नेताओं से मुलाकात हुई है? जवाब- मुलाकात होती रहती है। कई लोगों से मुलाकात हुई है। करंट पॉलिटिकल सिनेरियो पर अभी कुछ नहीं है। मुख्यमंत्री जी ही अभी मुख्यमंत्री हैं। राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। राज्यसभा जाने के बाद कोई नई परिस्थिति बनती है तो बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व और NDA के केंद्रीय नेतृत्व बैठकर निर्णय लेंगे। इसमें मुख्यमंत्री जी की भी भूमिका अहम होगी। सवाल- कब तक बिहार में पावर ट्रांसफर संभव है, कोई तय समय? जवाब- पहले तो वे राज्यसभा का विधिवत शपथ लेंगे। इसके बाद अगर नई परिस्थिति बनती है तो आगे सब मिलकर निर्णय करेंगे। सवाल- बीजेपी का सीएम बनने की चर्चा है। इसमें कितनी सच्चाई है? जवाब- अभी बिहार में NDA की सरकार चल रही है। ये सभी को पता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। वे राज्यसभा जाएंगे। इसके बाद सब मिल बैठकर निर्णय लेंगे। सवाल- नीतीश कुमार चौथी बार अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं, क्या कहेंगे? जवाब -नीतीश कुमार बिहार के सर्वमान्य नेता हैं। बिहार को जंगलराज से मुक्ति दिलाकर उन्होंने कहां से कहां पहुंचा दिया है। आज हमारा आर्थिक विकास दर विकसित राज्यों की श्रेणी में पहुंच गया है। उनके नेतृत्व में जदयू तो आगे बढ़ेगा ही, NDA एक बार फिर से मजबूत होगा। सवाल- जदयू में अब निशांत बड़ी भूमिका में आने वाले हैं, बीजेपी इसे कैसे देख रही है? जवाब- नौजवान हैं, प्रतिभावान हैं, शिक्षित हैं। वो राजनीति में आए हैं। उनके आने से NDA को मजबूती मिलेगी। वो किस भूमिका में रहेंगे, ये जदयू को तय करना है। ये तय है कि उनके आने से हमारे गठबंधन को फायदा होगा। सवाल- बीजेपी की नई टीम का विस्तार कब तक होगा? जवाब- पहले से ही बीजेपी का संगठन है। विशेष परिस्थिति बनी। दिलीप जायसवाल को सरकार में मंत्री बनाया गया। पार्टी के नियम के अनुसार उन्हें एक ही पद पर रहना था। ऐसे में उनकी जगह मुझे प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। दिलीप जायसवाल की कमेटी पहले से ही बनी है। अगर जरूरी होगा तब इसमें विस्तार किया जाएगा। नहीं तो इसी संगठन के साथ काम किया जाएगा। CM नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद बिहार में नई सरकार बनना तय माना जा रहा है। नए CM के नाम से लेकर नई सरकार के प्रारूप तक, अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। दूसरी तरफ CM नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा पूरी करने में जुटे हैं। इस दौरान उनके साथ दोनों डिप्टी CM सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा साथ रह रहे हैं। वहीं, BJP के कई नेता भाजपा मुख्यालय दिल्ली और संघ मुख्यालय नागपुर का चक्कर लगा रहे हैं। BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी 3 दिन तक दिल्ली में रहे। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। शाह और सरावगी ने सीक्रेट मीटिंग की सूत्रों की मानें तो बिहार बीजेपी के कई नेता दिल्ली में अपने टॉप लीडरशिप के साथ मुलाकात करना चाह रहे हैं, लेकिन उन्हें मिलने का समय नहीं मिल रहा है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की अमित शाह के साथ मुलाकात हुई है, लेकिन इसे अनौपचारिक और सीक्रेट रखा गया है। इसकी कोई तस्वीर किसी भी प्लेटफॉर्म पर जारी नहीं की गई है। स्पीकर प्रेम कुमार ने संघ मुख्यालय में लगाई हाजिरी वहीं, बीजेपी के सीनियर लीडर और विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार संघ मुख्यालय नागपुर में हैं। वे संघ के नेताओं के साथ मुलाकात कर रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर जारी की। इसमें वह संघ के संस्थापक डॉ केशवराव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते दिखाई दे रहे हैं। दिल्ली से लौटने के बाद भास्कर ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी से बात की। पढ़िए, टॉप लीडरशिप से मुलाकात के बाद उन्होंने क्या कहा..। सवाल- दिल्ली में आपकी किन-किन नेताओं से मुलाकात हुई है? जवाब- मुलाकात होती रहती है। कई लोगों से मुलाकात हुई है। करंट पॉलिटिकल सिनेरियो पर अभी कुछ नहीं है। मुख्यमंत्री जी ही अभी मुख्यमंत्री हैं। राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। राज्यसभा जाने के बाद कोई नई परिस्थिति बनती है तो बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व और NDA के केंद्रीय नेतृत्व बैठकर निर्णय लेंगे। इसमें मुख्यमंत्री जी की भी भूमिका अहम होगी। सवाल- कब तक बिहार में पावर ट्रांसफर संभव है, कोई तय समय? जवाब- पहले तो वे राज्यसभा का विधिवत शपथ लेंगे। इसके बाद अगर नई परिस्थिति बनती है तो आगे सब मिलकर निर्णय करेंगे। सवाल- बीजेपी का सीएम बनने की चर्चा है। इसमें कितनी सच्चाई है? जवाब- अभी बिहार में NDA की सरकार चल रही है। ये सभी को पता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। वे राज्यसभा जाएंगे। इसके बाद सब मिल बैठकर निर्णय लेंगे। सवाल- नीतीश कुमार चौथी बार अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं, क्या कहेंगे? जवाब -नीतीश कुमार बिहार के सर्वमान्य नेता हैं। बिहार को जंगलराज से मुक्ति दिलाकर उन्होंने कहां से कहां पहुंचा दिया है। आज हमारा आर्थिक विकास दर विकसित राज्यों की श्रेणी में पहुंच गया है। उनके नेतृत्व में जदयू तो आगे बढ़ेगा ही, NDA एक बार फिर से मजबूत होगा। सवाल- जदयू में अब निशांत बड़ी भूमिका में आने वाले हैं, बीजेपी इसे कैसे देख रही है? जवाब- नौजवान हैं, प्रतिभावान हैं, शिक्षित हैं। वो राजनीति में आए हैं। उनके आने से NDA को मजबूती मिलेगी। वो किस भूमिका में रहेंगे, ये जदयू को तय करना है। ये तय है कि उनके आने से हमारे गठबंधन को फायदा होगा। सवाल- बीजेपी की नई टीम का विस्तार कब तक होगा? जवाब- पहले से ही बीजेपी का संगठन है। विशेष परिस्थिति बनी। दिलीप जायसवाल को सरकार में मंत्री बनाया गया। पार्टी के नियम के अनुसार उन्हें एक ही पद पर रहना था। ऐसे में उनकी जगह मुझे प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। दिलीप जायसवाल की कमेटी पहले से ही बनी है। अगर जरूरी होगा तब इसमें विस्तार किया जाएगा। नहीं तो इसी संगठन के साथ काम किया जाएगा।


