मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार आज गयाजी पहुंचे। इनके धार्मिक यात्रा ने अचानक सियासी रंग ले लिया। निशांत सीधे विष्णुपद मंदिर पहुंचे। वहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पंडा व पंडितों से आशीर्वाद लिया। इसके बाद उनका कार्यक्रम महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध के दर्शन का है। बोधगया विश्व धरोहर स्थल है। ऐसे में उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। निशांत राजगीर से गयाजी पहुंचे है। इससे पहले वे गहलौर घाटी गए थे। वहां उन्होंने ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। स्थानीय लोगों से बातचीत भी की कुछ देर रुककर स्थानीय लोगों से बातचीत भी की। गया पहुंचने पर जगह-जगह उनका स्वागत हुआ। समर्थकों की भीड़ साथ चलती रही। फूल-मालाएं पहनाई गईं। नारे भी लगे।हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे निजी धार्मिक यात्रा बताया जा रहा है। बता दें कि गया और बोधगया की धरती राजनीतिक संदेशों की भी साक्षी रही है। धर्म और राजनीति का संगम यहां नया नहीं है। निशांत की सक्रियता पर अब सबकी नजर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार आज गयाजी पहुंचे। इनके धार्मिक यात्रा ने अचानक सियासी रंग ले लिया। निशांत सीधे विष्णुपद मंदिर पहुंचे। वहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पंडा व पंडितों से आशीर्वाद लिया। इसके बाद उनका कार्यक्रम महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध के दर्शन का है। बोधगया विश्व धरोहर स्थल है। ऐसे में उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। निशांत राजगीर से गयाजी पहुंचे है। इससे पहले वे गहलौर घाटी गए थे। वहां उन्होंने ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। स्थानीय लोगों से बातचीत भी की कुछ देर रुककर स्थानीय लोगों से बातचीत भी की। गया पहुंचने पर जगह-जगह उनका स्वागत हुआ। समर्थकों की भीड़ साथ चलती रही। फूल-मालाएं पहनाई गईं। नारे भी लगे।हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे निजी धार्मिक यात्रा बताया जा रहा है। बता दें कि गया और बोधगया की धरती राजनीतिक संदेशों की भी साक्षी रही है। धर्म और राजनीति का संगम यहां नया नहीं है। निशांत की सक्रियता पर अब सबकी नजर है।


